Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 May 2023 · 1 min read

मेरा हाल कैसे किसी को बताउगा, हर महीने रोटी घर बदल बदल कर खा

मेरा हाल कैसे किसी को बताउगा, हर महीने रोटी घर बदल बदल कर खाऊगा
कुछ वृद्ध का एक पुत्र वह भी हुआ जवान, अब उनकी लाठी ही उनकी संतान
बुजुर्ग कुछ बहुत धनवान, विदेश में उनकी संतान सोच सोच कर परेशांन
बच्चे बुढे होते एक समान नहीं करे उनका अपमान, हम सब उनकी ही संतान

अनिल चौबिसा
9829246588

420 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ले चल मुझे उस पार
ले चल मुझे उस पार
Satish Srijan
प्रार्थना के स्वर
प्रार्थना के स्वर
Suryakant Dwivedi
dr arun kumar shastri
dr arun kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"खिलाफत"
Dr. Kishan tandon kranti
तेरा मेरा साथ
तेरा मेरा साथ
Pratibha Pandey
!! कोई आप सा !!
!! कोई आप सा !!
Chunnu Lal Gupta
जब कोई दिल से जाता है
जब कोई दिल से जाता है
Sangeeta Beniwal
लोग अब हमसे ख़फा रहते हैं
लोग अब हमसे ख़फा रहते हैं
Shweta Soni
*
*"अवध के राम आये हैं"*
Shashi kala vyas
सकारात्मक पुष्टि
सकारात्मक पुष्टि
पूर्वार्थ
आप और हम जीवन के सच
आप और हम जीवन के सच
Neeraj Agarwal
इश्क़
इश्क़
हिमांशु Kulshrestha
প্রফুল্ল হৃদয় এবং হাস্যোজ্জ্বল চেহারা
প্রফুল্ল হৃদয় এবং হাস্যোজ্জ্বল চেহারা
Sakhawat Jisan
वास्तविकता से परिचित करा दी गई है
वास्तविकता से परिचित करा दी गई है
Keshav kishor Kumar
*वरिष्ठ नागरिक (हास्य कुंडलिया)*
*वरिष्ठ नागरिक (हास्य कुंडलिया)*
Ravi Prakash
पुष्प रुष्ट सब हो गये,
पुष्प रुष्ट सब हो गये,
sushil sarna
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
दिनकर तुम शांत हो
दिनकर तुम शांत हो
भरत कुमार सोलंकी
जब आपका ध्यान अपने लक्ष्य से हट जाता है,तब नहीं चाहते हुए भी
जब आपका ध्यान अपने लक्ष्य से हट जाता है,तब नहीं चाहते हुए भी
Paras Nath Jha
बिना आमन्त्रण के
बिना आमन्त्रण के
gurudeenverma198
कैसा फसाना है
कैसा फसाना है
Dinesh Kumar Gangwar
बोलो_क्या_तुम_बोल_रहे_हो?
बोलो_क्या_तुम_बोल_रहे_हो?
संजीव शुक्ल 'सचिन'
किसी वजह से जब तुम दोस्ती निभा न पाओ
किसी वजह से जब तुम दोस्ती निभा न पाओ
ruby kumari
अटूट सत्य - आत्मा की व्यथा
अटूट सत्य - आत्मा की व्यथा
Sumita Mundhra
मैं जाटव हूं और अपने समाज और जाटवो का समर्थक हूं किसी अन्य स
मैं जाटव हूं और अपने समाज और जाटवो का समर्थक हूं किसी अन्य स
शेखर सिंह
2796. *पूर्णिका*
2796. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कर्मवीर भारत...
कर्मवीर भारत...
डॉ.सीमा अग्रवाल
#शेर-
#शेर-
*प्रणय प्रभात*
सरस्वती वंदना-6
सरस्वती वंदना-6
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
बंधन यह अनुराग का
बंधन यह अनुराग का
Om Prakash Nautiyal
Loading...