Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Jan 2024 · 1 min read

मतिभ्रष्ट

हे ईश्वर ! आज के मानव को ये क्या हो गया है ?

वह तुम्हारे अस्तित्व को बांटकर देखने के लिए उद्यत हो गया है ,

उसे कौन बताऐ राम और रहीम एक ही हैं ,
कृष्ण और करीम कोई दो नहीं हैं ,

उसे कौन समझाए निर्गुण निराकार परमब्रह्म एक ही परमात्मा है,

जो सब के कर्मो के फल का निर्णायक भाग्य विधाता है,

तुम्हारे अस्तित्व को बांटने के भ्रम में वह उलझ कर रह गया है ,

मतिभ्रष्ट हो , अपनी आत्मिक शांति खोकर विनाश के कगार पर जा खड़ा हुआ है ।

Language: Hindi
62 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Shyam Sundar Subramanian
View all
You may also like:
जिंदगी की पहेली
जिंदगी की पहेली
RAKESH RAKESH
बेटी के जीवन की विडंबना
बेटी के जीवन की विडंबना
Rajni kapoor
प्यार क्या होता, यह हमें भी बहुत अच्छे से पता है..!
प्यार क्या होता, यह हमें भी बहुत अच्छे से पता है..!
SPK Sachin Lodhi
जल संरक्षण बहुमूल्य
जल संरक्षण बहुमूल्य
Buddha Prakash
अतीत - “टाइम मशीन
अतीत - “टाइम मशीन"
Atul "Krishn"
ग़ज़ल सगीर
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
ज़िंदगी का दस्तूर
ज़िंदगी का दस्तूर
Shyam Sundar Subramanian
लालच का फल
लालच का फल
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*जिंदगी*
*जिंदगी*
Harminder Kaur
शहीद की पत्नी
शहीद की पत्नी
नन्दलाल सुथार "राही"
*आचार्य बृहस्पति और उनका काव्य*
*आचार्य बृहस्पति और उनका काव्य*
Ravi Prakash
जनाजे में तो हम शामिल हो गए पर उनके पदचिन्हों पर ना चलके अपन
जनाजे में तो हम शामिल हो गए पर उनके पदचिन्हों पर ना चलके अपन
DrLakshman Jha Parimal
******** रुख्सार से यूँ न खेला करे ***********
******** रुख्सार से यूँ न खेला करे ***********
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
हम तुमको अपने दिल में यूँ रखते हैं
हम तुमको अपने दिल में यूँ रखते हैं
Shweta Soni
सोच बदलनी होगी
सोच बदलनी होगी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
everyone says- let it be the defect of your luck, be forget
everyone says- let it be the defect of your luck, be forget
Ankita Patel
क्यों कहते हो प्रवाह नहीं है
क्यों कहते हो प्रवाह नहीं है
Suryakant Dwivedi
कैसी यह मुहब्बत है
कैसी यह मुहब्बत है
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
मैं ....
मैं ....
sushil sarna
जवाब के इन्तजार में हूँ
जवाब के इन्तजार में हूँ
Pratibha Pandey
मैं कभी किसी के इश्क़ में गिरफ़्तार नहीं हो सकता
मैं कभी किसी के इश्क़ में गिरफ़्तार नहीं हो सकता
Manoj Mahato
फिर जनता की आवाज बना
फिर जनता की आवाज बना
vishnushankartripathi7
एक कमबख्त यादें हैं तेरी !
एक कमबख्त यादें हैं तेरी !
The_dk_poetry
*Perils of Poverty and a Girl child*
*Perils of Poverty and a Girl child*
Poonam Matia
“बदलते रिश्ते”
“बदलते रिश्ते”
पंकज कुमार कर्ण
राखी रे दिन आज मूं , मांगू यही मारा बीरा
राखी रे दिन आज मूं , मांगू यही मारा बीरा
gurudeenverma198
"उल्लास"
Dr. Kishan tandon kranti
हार को तिरस्कार ना करें
हार को तिरस्कार ना करें
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
* यौवन पचास का, दिल पंद्रेह का *
* यौवन पचास का, दिल पंद्रेह का *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Empty pocket
Empty pocket
Bidyadhar Mantry
Loading...