Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Mar 2024 · 1 min read

“बेहतर है चुप रहें”

“बेहतर है चुप रहें”
गुलशन में फूलों से ज्यादा
विषधरों के पहरे हैं
रंगों के शौकीन लोग
हर राहों पर ठहरे हैं
प्रजा है बस ईश भरोसे
राजा ही उसे लूट रहे,
नीयत ठीक नहीं है
बेहतर है चुप रहें।

3 Likes · 2 Comments · 48 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
"शुक्रगुजार करो"
Dr. Kishan tandon kranti
ये कटेगा
ये कटेगा
शेखर सिंह
जिंदगी
जिंदगी
लक्ष्मी सिंह
मैं गीत हूं ग़ज़ल हो तुम न कोई भूल पाएगा।
मैं गीत हूं ग़ज़ल हो तुम न कोई भूल पाएगा।
सत्य कुमार प्रेमी
मुहब्बत कुछ इस कदर, हमसे बातें करती है…
मुहब्बत कुछ इस कदर, हमसे बातें करती है…
Anand Kumar
संवरना हमें भी आता है मगर,
संवरना हमें भी आता है मगर,
ओसमणी साहू 'ओश'
डॉ. नामवर सिंह की आलोचना के प्रपंच
डॉ. नामवर सिंह की आलोचना के प्रपंच
कवि रमेशराज
गीत
गीत
Shiva Awasthi
​दग़ा भी उसने
​दग़ा भी उसने
Atul "Krishn"
हम लड़के हैं जनाब...
हम लड़के हैं जनाब...
पूर्वार्थ
■ सच साबित हुआ अनुमान।
■ सच साबित हुआ अनुमान।
*प्रणय प्रभात*
*उड़ीं तब भी पतंगें जब, हवा का रुख नहीं मिलता (मुक्तक)*
*उड़ीं तब भी पतंगें जब, हवा का रुख नहीं मिलता (मुक्तक)*
Ravi Prakash
*
*"ओ पथिक"*
Shashi kala vyas
प्रेम स्वतंत्र आज हैं?
प्रेम स्वतंत्र आज हैं?
The_dk_poetry
3273.*पूर्णिका*
3273.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*सिर्फ तीन व्यभिचारियों का बस एक वैचारिक जुआ था।
*सिर्फ तीन व्यभिचारियों का बस एक वैचारिक जुआ था।
Sanjay ' शून्य'
*माना के आज मुश्किल है पर वक्त ही तो है,,
*माना के आज मुश्किल है पर वक्त ही तो है,,
Vicky Purohit
सबक
सबक
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हम हैं कक्षा साथी
हम हैं कक्षा साथी
Dr MusafiR BaithA
हक़ीक़त ने
हक़ीक़त ने
Dr fauzia Naseem shad
"बचपन याद आ रहा"
Sandeep Kumar
“सुरक्षा में चूक” (संस्मरण-फौजी दर्पण)
“सुरक्षा में चूक” (संस्मरण-फौजी दर्पण)
DrLakshman Jha Parimal
इतनी खुबसुरत हो तुम
इतनी खुबसुरत हो तुम
Diwakar Mahto
"पिता दिवस: एक दिन का दिखावा, 364 दिन की शिकायतें"
Dr Mukesh 'Aseemit'
गांव अच्छे हैं।
गांव अच्छे हैं।
Amrit Lal
हम तब तक किसी की प्रॉब्लम नहीं बनते..
हम तब तक किसी की प्रॉब्लम नहीं बनते..
Ravi Betulwala
श्री राम जी अलौकिक रूप
श्री राम जी अलौकिक रूप
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
अर्धांगिनी
अर्धांगिनी
VINOD CHAUHAN
बिछड़ना जो था हम दोनों को कभी ना कभी,
बिछड़ना जो था हम दोनों को कभी ना कभी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
🪔🪔दीपमालिका सजाओ तुम।
🪔🪔दीपमालिका सजाओ तुम।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
Loading...