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7 Apr 2024 · 1 min read

“बेहतर यही”

“बेहतर यही”
सपनों के लिए
कभी मर्यादा ना भूलें,
बेहतर यही
कि जितनी चादर हों
पाँव उतना फैले।

1 Like · 1 Comment · 90 Views
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