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24 Jan 2017 · 1 min read

बेटियाँ

बेटो की चाह में
क्यों मार रहे बेटियाँ

काँटे नही ये
फ़ूल है बेटिया

भैया की कलाई
का प्यार है बेटियाँ

जमीं से आसमाँ तक
आज छाईं है बेटियाँ

नही किसी से कम
हर सफलता पाई है बेटियाँ

इंद्रा सुनीता कल्पना जमीं
आसमाँ तक छाई है बेटियाँ

अब करो सम्मान
हमारी दुलारी है बेटियाँ

???माधुरी पौराणिक???

1 Like · 712 Views
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