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19 Apr 2023 · 1 min read

बादल

बादल

ए बादल मत इतनी मनमानी कर,
फ़सल खेत में खड़ी है।
किसान की जान अटकी पड़ी है।
रुख बदल दे तू अपना,
ताकी फिर किसी इंसान को फांसी पर न पड़े लटकना।

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