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12 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-87💐

बहुत गुमराह हूँ या बिल्कुल भी नहीं,
उनका पता भी है, पता भी नहीं।।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
94 Views
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