Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Feb 2023 · 1 min read

बड़ा मुश्किल है ये लम्हे,पल और दिन गुजारना

बड़ा मुश्किल है ये लम्हे,पल और दिन गुजारना
जब हो दूर तक घने अँधेरे साये का साथ चलना

सुबह निकलती नही शाम यूँही रातो में ढल जाती
बदन में कोई कसक नही सिर्फ साँस आती जाती

✍️©®’अशांत’ शेखर
24/02/2023

2 Likes · 2 Comments · 444 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हर क्षण का
हर क्षण का
Dr fauzia Naseem shad
नेता सोये चैन से,
नेता सोये चैन से,
sushil sarna
जी रहे हैं सब इस शहर में बेज़ार से
जी रहे हैं सब इस शहर में बेज़ार से
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
चुनौतियाँ बहुत आयी है,
चुनौतियाँ बहुत आयी है,
Dr. Man Mohan Krishna
किया पोषित जिन्होंने, प्रेम का वरदान देकर,
किया पोषित जिन्होंने, प्रेम का वरदान देकर,
Ravi Yadav
प्रकृति की ओर
प्रकृति की ओर
जगदीश लववंशी
स्वाधीनता के घाम से।
स्वाधीनता के घाम से।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
किसी से मत कहना
किसी से मत कहना
Dr.Pratibha Prakash
*यह सही है मूलतः तो, इस धरा पर रोग हैं (गीत)*
*यह सही है मूलतः तो, इस धरा पर रोग हैं (गीत)*
Ravi Prakash
मैं पापी प्रभु उर अज्ञानी
मैं पापी प्रभु उर अज्ञानी
कृष्णकांत गुर्जर
राजाधिराज महाकाल......
राजाधिराज महाकाल......
Kavita Chouhan
दुनिया तभी खूबसूरत लग सकती है
दुनिया तभी खूबसूरत लग सकती है
ruby kumari
कविता : याद
कविता : याद
Rajesh Kumar Arjun
है कौन वहां शिखर पर
है कौन वहां शिखर पर
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
Nothing grand to wish for, but I pray that I am not yet pass
Nothing grand to wish for, but I pray that I am not yet pass
पूर्वार्थ
निर्मम क्यों ऐसे ठुकराया....
निर्मम क्यों ऐसे ठुकराया....
डॉ.सीमा अग्रवाल
सप्तपदी
सप्तपदी
Arti Bhadauria
New light emerges from the depths of experiences, - Desert Fellow Rakesh Yadav
New light emerges from the depths of experiences, - Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
" सत कर्म"
Yogendra Chaturwedi
"बह रही धीरे-धीरे"
Dr. Kishan tandon kranti
मुझे सहारा नहीं तुम्हारा साथी बनना है,
मुझे सहारा नहीं तुम्हारा साथी बनना है,
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
#गद्य_छाप_पद्य
#गद्य_छाप_पद्य
*Author प्रणय प्रभात*
Ghazal
Ghazal
shahab uddin shah kannauji
काला दिन
काला दिन
Shyam Sundar Subramanian
राम-वन्दना
राम-वन्दना
विजय कुमार नामदेव
"राष्टपिता महात्मा गांधी"
Pushpraj Anant
महिला दिवस पर एक व्यंग
महिला दिवस पर एक व्यंग
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
2608.पूर्णिका
2608.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
रिश्तों का गणित
रिश्तों का गणित
Madhavi Srivastava
महान कथाकार प्रेमचन्द की प्रगतिशीलता खण्डित थी, ’बड़े घर की
महान कथाकार प्रेमचन्द की प्रगतिशीलता खण्डित थी, ’बड़े घर की
Dr MusafiR BaithA
Loading...