Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Apr 2024 · 1 min read

“बकरी”

“बकरी”
में-में-में कर चिल्लाती है,
वह घास पराई खाती है।
सिंग को अपने डुलाती है,
बच्चों को जरा डराती है।
चन्द दिनों की मेहमान है,
फिर हो जाती कुरबान है।

2 Likes · 2 Comments · 35 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
चुनाव
चुनाव
Lakhan Yadav
हम किसे के हिज्र में खुदकुशी कर ले
हम किसे के हिज्र में खुदकुशी कर ले
himanshu mittra
*सावन का वरदान, भीगती दुनिया सूखी (कुंडलिया)*
*सावन का वरदान, भीगती दुनिया सूखी (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
चल अंदर
चल अंदर
Satish Srijan
जनक देश है महान
जनक देश है महान
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
विष्णु प्रभाकर जी रहे,
विष्णु प्रभाकर जी रहे,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
सबने पूछा, खुश रहने के लिए क्या है आपकी राय?
सबने पूछा, खुश रहने के लिए क्या है आपकी राय?
Kanchan Alok Malu
मुहब्बत
मुहब्बत
बादल & बारिश
बहुत बरस गुज़रने के बाद
बहुत बरस गुज़रने के बाद
शिव प्रताप लोधी
मैं हूँ के मैं अब खुद अपने ही दस्तरस में नहीं हूँ
मैं हूँ के मैं अब खुद अपने ही दस्तरस में नहीं हूँ
'अशांत' शेखर
जीवन की यह झंझावातें
जीवन की यह झंझावातें
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
"मैं एक कलमकार हूँ"
Dr. Kishan tandon kranti
श्री श्याम भजन 【लैला को भूल जाएंगे】
श्री श्याम भजन 【लैला को भूल जाएंगे】
Khaimsingh Saini
घाटे का सौदा
घाटे का सौदा
विनोद सिल्ला
2403.पूर्णिका
2403.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*राष्ट्रभाषा हिंदी और देशज शब्द*
*राष्ट्रभाषा हिंदी और देशज शब्द*
Subhash Singhai
ग़ज़ल सगीर
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
बीते कल की रील
बीते कल की रील
Sandeep Pande
मूल्यों में आ रही गिरावट समाधान क्या है ?
मूल्यों में आ रही गिरावट समाधान क्या है ?
Dr fauzia Naseem shad
इस सियासत का ज्ञान कैसा है,
इस सियासत का ज्ञान कैसा है,
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
"हृदय में कुछ ऐसे अप्रकाशित गम भी रखिए वक़्त-बेवक्त जिन्हें आ
दुष्यन्त 'बाबा'
खुद से रूठा तो खुद ही मनाना पड़ा
खुद से रूठा तो खुद ही मनाना पड़ा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
लक्ष्य जितना बड़ा होगा उपलब्धि भी उतनी बड़ी होगी।
लक्ष्य जितना बड़ा होगा उपलब्धि भी उतनी बड़ी होगी।
Paras Nath Jha
साक्षात्कार-पीयूष गोयल(दर्पण छवि लेखक).
साक्षात्कार-पीयूष गोयल(दर्पण छवि लेखक).
Piyush Goel
लौट आओ ना
लौट आओ ना
VINOD CHAUHAN
*मेरा विश्वास*
*मेरा विश्वास*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
That poem
That poem
Bidyadhar Mantry
हिंदी
हिंदी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
ग्वालियर की बात
ग्वालियर की बात
पूर्वार्थ
बिछ गई चौसर चौबीस की,सज गई मैदान-ए-जंग
बिछ गई चौसर चौबीस की,सज गई मैदान-ए-जंग
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...