Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

दोहे

आक्रोशों के गाँव
**************

अभिनन्दन की धूप में, मौन पड़े हैं शब्द.
आँखों में संतोष के, घुमड़ रहे हैं अब्द.

आसमान से झाँककर, देख रही है आँख.
संकट पंछी के गिरे, कहाँ-कहाँ हैं पाँख.

दोहे छेड़ेंगे कभी, संवेदन का राग.
आक्रोशों के गाँव में, ठहरेगा अनुराग.

ऐसे पल आते नहीं, जीवन में हर बार.
सुभग बधाई मान्यवर, मेरी हो स्वीकार.

धरती कुहरे से लदी, पंख करें संघर्ष.
निकला है ठिठुरा हुआ, नया साल का वर्ष.

शिवानन्द सिंह ‘सहयोगी’
मेरठ

257 Views
You may also like:
क्या करें हम भुला नहीं पाते तुम्हे
VINOD KUMAR CHAUHAN
कैसा हो सरपंच हमारा / (समसामयिक गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
भगवा हटा बिहार में, चढ़ गया हरा रंग
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
चन्द अशआर (मुख़्तलिफ़ शेर)
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
हे दीन,दयाल,सकल,कृपाल।
Taj Mohammad
*अंतिम प्रणाम ! डॉक्टर मीना नकवी*
Ravi Prakash
अब तो दर्शन दे दो गिरधर...
Dr.Alpa Amin
✍️✍️व्यवस्था✍️✍️
'अशांत' शेखर
✍️चार कदम जिंदगी✍️
'अशांत' शेखर
समय की गर्दिशें चेहरा बिगाड़ देती हैं
Dr fauzia Naseem shad
सैनिक
AMRESH KUMAR VERMA
हाइकु: आहार।
Prabhudayal Raniwal
रक्षा के पावन बंधन का, अमर प्रेम त्यौहार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
बेटी का संदेश
Anamika Singh
रस्सियाँ पानी की (पुस्तक समीक्षा)
Ravi Prakash
* तेरी चाहत बन जाऊंगा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बेरोज़गारों का कब आएगा वसंत
Anamika Singh
यौवन अतिशय ज्ञान-तेजमय हो, ऐसा विज्ञान चाहिए
Pt. Brajesh Kumar Nayak
हम अपने मन की किस अवस्था में हैं
Shivkumar Bilagrami
प्रेयसी पुनीता
Mahendra Rai
बेड़ियाँ
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
# क्रांति का वो दौर
Seema Tuhaina
नदियों का दर्द
Anamika Singh
#हे__प्रेम
Varun Singh Gautam
मैं ही बेगूसराय
Varun Singh Gautam
अनमोल जीवन
आकाश महेशपुरी
"जीवन"
Archana Shukla "Abhidha"
पिता
Dr.Priya Soni Khare
घर-घर में हो बाँसुरी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
श्रीयुत अटलबिहारी जी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
Loading...