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24 Dec 2019 · 1 min read

दोहे

1)संरक्षित करिए प्रकृति ,वसुधा भाग जगाय ।
धरती होकर पल्लवित, वसुंधरा कहलाय ।

2) वायु प्रदूषण से हुआ, जन जीवन बीमार।
दमा वात कफ पित्त से ,रोगी घर संसार।

3) तड़ित चमक आकाश में ,मानुष मन घबराय।
चमक दमक तड़कत गिरत, मृगनयनी अकुलाय।

डा. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव
जिला चिकित्सालय सीतापुर

Language: Hindi
234 Views
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Books from डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
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