Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 May 2024 · 1 min read

तेरी मुस्कान होती है

गमों में मुस्कुरा कर भी गले अपने लगाते हैं
बहे न आंख से आंसू उन्हें दिल में पी जाते हैं
बहारें भी मुझे अपना पता देती है वह लेकिन,
न आये शोखियां तल्खी तभी वो मुस्कुराते हैं।

बहुत उम्मीद करो जिनसे जख्म भी वही देते,
बहुत नादां सितमगर वो जो मौका ढूंढ लाते हैं।
कभी हंसते चेहरों में दिली मुस्कान नहीं होती,
कभी आंसू अकारण के,भारी मुस्कान होती है।

दुखों की धूप तीखी भी सदा रहती नहीं कायम,
कभी यह धूप,ठंडी छांव कभी मेहमान होती है।
कभी बिगड़ी हुई बातें संभाल लेती यह मुस्कान,
जहां पर दर्द हो बिखरा लबों की जान होती है।

खिली मुस्कान होठों की लगे किसको नहीं अच्छी,
गुले -आनन,खिली आंखें मुरीदों -दान होती है।
बिछी मुस्कान चेहरों की करे गम को भी वो आधा,
जिंदा है तेरी हस्ती, वही जिंदा पहचान होती है।

47 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
प्रकृति ने अंँधेरी रात में चांँद की आगोश में अपने मन की सुंद
प्रकृति ने अंँधेरी रात में चांँद की आगोश में अपने मन की सुंद
Neerja Sharma
पिघलता चाँद ( 8 of 25 )
पिघलता चाँद ( 8 of 25 )
Kshma Urmila
मुक्तक-विन्यास में एक तेवरी
मुक्तक-विन्यास में एक तेवरी
कवि रमेशराज
कैसे बचेगी मानवता
कैसे बचेगी मानवता
Dr. Man Mohan Krishna
दिव्यांग वीर सिपाही की व्यथा
दिव्यांग वीर सिपाही की व्यथा
लक्ष्मी सिंह
ध्यान सारा लगा था सफर की तरफ़
ध्यान सारा लगा था सफर की तरफ़
अरशद रसूल बदायूंनी
जीवन मे
जीवन मे
Dr fauzia Naseem shad
जयंती विशेष : अंबेडकर जयंती
जयंती विशेष : अंबेडकर जयंती
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
लोकतंत्र तभी तक जिंदा है जब तक आम जनता की आवाज़ जिंदा है जिस
लोकतंत्र तभी तक जिंदा है जब तक आम जनता की आवाज़ जिंदा है जिस
Rj Anand Prajapati
"गुलाम है आधी आबादी"
Dr. Kishan tandon kranti
शुभ रात्रि
शुभ रात्रि
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मेरी कलम से...
मेरी कलम से...
Anand Kumar
कभी कभी ज़िंदगी में जैसे आप देखना चाहते आप इंसान को वैसे हीं
कभी कभी ज़िंदगी में जैसे आप देखना चाहते आप इंसान को वैसे हीं
पूर्वार्थ
सर्द हवाएं
सर्द हवाएं
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
अभी-अभी
अभी-अभी
*प्रणय प्रभात*
वो एक ही मुलाकात और साथ गुजारे कुछ लम्हें।
वो एक ही मुलाकात और साथ गुजारे कुछ लम्हें।
शिव प्रताप लोधी
हमसफ़र
हमसफ़र
अखिलेश 'अखिल'
प्रेम का दरबार
प्रेम का दरबार
Dr.Priya Soni Khare
बसंत
बसंत
Bodhisatva kastooriya
23/61.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/61.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मस्ती का त्योहार है,
मस्ती का त्योहार है,
sushil sarna
टॉम एंड जेरी
टॉम एंड जेरी
Vedha Singh
अन्तर्मन
अन्तर्मन
Dr. Upasana Pandey
फ़ितरतन
फ़ितरतन
Monika Verma
वह देश हिंदुस्तान है
वह देश हिंदुस्तान है
gurudeenverma198
यदि गलती से कोई गलती हो जाए
यदि गलती से कोई गलती हो जाए
Anil Mishra Prahari
Dard-e-madhushala
Dard-e-madhushala
Tushar Jagawat
हाजीपुर
हाजीपुर
Hajipur
कब हमको ये मालूम है,कब तुमको ये अंदाज़ा है ।
कब हमको ये मालूम है,कब तुमको ये अंदाज़ा है ।
Phool gufran
Loading...