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19 Feb 2023 · 1 min read

“तुम्हारे रहने से”

“तुम्हारे रहने से”
तुम्हारे रहने से
जिन्दादिली आबाद रही
सलामत बरसात रही
कश्तियाँ चलती रही
हर चाहत मचलती रही।
– डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति

6 Likes · 2 Comments · 212 Views
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