Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Apr 2024 · 1 min read

“तलाश में क्या है?”

“तलाश में क्या है?”
वो तमन्ना बेशक लाजवाब है
जो जुल्म सहकर मुस्कुराती है,
तलाश में क्या है, पता नहीं
पर सैकड़ों मील नाप जाती है।

1 Like · 1 Comment · 61 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
मन तो करता है मनमानी
मन तो करता है मनमानी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
* अपना निलय मयखाना हुआ *
* अपना निलय मयखाना हुआ *
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
Style of love
Style of love
Otteri Selvakumar
"मतलब समझाना
*प्रणय प्रभात*
थक गये है हम......ख़ुद से
थक गये है हम......ख़ुद से
shabina. Naaz
The Sound of Birds and Nothing Else
The Sound of Birds and Nothing Else
R. H. SRIDEVI
अस्तित्व की पहचान
अस्तित्व की पहचान
Kanchan Khanna
जिंदगी कुछ और है, हम समझे कुछ और ।
जिंदगी कुछ और है, हम समझे कुछ और ।
sushil sarna
बेटियों को मुस्कुराने दिया करो
बेटियों को मुस्कुराने दिया करो
Shweta Soni
कितना हराएगी ये जिंदगी मुझे।
कितना हराएगी ये जिंदगी मुझे।
Rj Anand Prajapati
जय जय नंदलाल की ..जय जय लड्डू गोपाल की
जय जय नंदलाल की ..जय जय लड्डू गोपाल की"
Harminder Kaur
करने दो इजहार मुझे भी
करने दो इजहार मुझे भी
gurudeenverma198
"राखी"
Dr. Kishan tandon kranti
यादों को कहाँ छोड़ सकते हैं,समय चलता रहता है,यादें मन में रह
यादों को कहाँ छोड़ सकते हैं,समय चलता रहता है,यादें मन में रह
Meera Thakur
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
तुम्हारे दीदार की तमन्ना
तुम्हारे दीदार की तमन्ना
Anis Shah
जिया ना जाए तेरे बिन
जिया ना जाए तेरे बिन
Basant Bhagawan Roy
कहां खो गए
कहां खो गए
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
अब तो  सब  बोझिल सा लगता है
अब तो सब बोझिल सा लगता है
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
पर्यावरण प्रतिभाग
पर्यावरण प्रतिभाग
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
*धन्य तुलसीदास हैं (मुक्तक)*
*धन्य तुलसीदास हैं (मुक्तक)*
Ravi Prakash
" न जाने क्या है जीवन में "
Chunnu Lal Gupta
रमेशराज के कहमुकरी संरचना में चार मुक्तक
रमेशराज के कहमुकरी संरचना में चार मुक्तक
कवि रमेशराज
कविता के प्रेरणादायक शब्द ही सन्देश हैं।
कविता के प्रेरणादायक शब्द ही सन्देश हैं।
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
हारने से पहले कोई हरा नहीं सकता
हारने से पहले कोई हरा नहीं सकता
कवि दीपक बवेजा
कल आज और कल
कल आज और कल
Omee Bhargava
जय संविधान...✊🇮🇳
जय संविधान...✊🇮🇳
Srishty Bansal
*शब्दों मे उलझे लोग* ( अयोध्या ) 21 of 25
*शब्दों मे उलझे लोग* ( अयोध्या ) 21 of 25
Kshma Urmila
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
संवेदना (वृद्धावस्था)
संवेदना (वृद्धावस्था)
नवीन जोशी 'नवल'
Loading...