Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Jan 2024 · 1 min read

ढूॅ॑ढा बहुत हमने तो पर भगवान खो गए

अपनों में आज कैसे हम अंजान हो गए
सब जानते हैं हमको मगर बेनाम हो गए
रह गई धरी की धरी समझधारियां सभी
नासमझों की नजरों में हम नादान हो गए
अपनों में आज कैसे………..
जिनसे मिले उसी ने तवज्जो भी दी मगर
कुछ देर ठहरे उनके तो वो परेशान हो गए
अपनों में आज कैसे…………
ठहरे थे उनकी नजरों में दो पल के लिए ही
समझा उन्होंने बिन बुलाए मेहमान हो गए
अपनों में आज कैसे………….
बांटा है हमने बस प्यार के बदले में प्यार को
जानें क्यूॅ॑ हम पर इतनों के अहसान हो गए
अपनों में आज कैसे…………..
उगने लगी है नफरतें अब जिधर भी देख लो
महफ़िल तो क्या शहर ही सुनसान हो गए
अपनों में आज कैसे…………..
क्या-क्या कहूॅ॑ ‘ V9द’ अब रहने दो बात को
ढूॅ॑ढा बहुत हमने तो पर भगवान को गए
अपनों में आज कैसे……………

2 Likes · 68 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from VINOD CHAUHAN
View all
You may also like:
गुरु की महिमा
गुरु की महिमा
Ram Krishan Rastogi
ग़ज़ल सगीर
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
राम पर हाइकु
राम पर हाइकु
Sandeep Pande
मर मिटे जो
मर मिटे जो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
जन अधिनायक ! मंगल दायक! भारत देश सहायक है।
जन अधिनायक ! मंगल दायक! भारत देश सहायक है।
Neelam Sharma
सर सरिता सागर
सर सरिता सागर
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
23/70.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/70.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
चली गई है क्यों अंजू , तू पाकिस्तान
चली गई है क्यों अंजू , तू पाकिस्तान
gurudeenverma198
जाने कितने चढ़ गए, फाँसी माँ के लाल ।
जाने कितने चढ़ गए, फाँसी माँ के लाल ।
sushil sarna
अगर आप
अगर आप
Dr fauzia Naseem shad
💐Prodigy Love-14💐
💐Prodigy Love-14💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
"एक ही जीवन में
पूर्वार्थ
अब इस मुकाम पर आकर
अब इस मुकाम पर आकर
shabina. Naaz
त्योहार का आनंद
त्योहार का आनंद
Dr. Pradeep Kumar Sharma
सविनय निवेदन
सविनय निवेदन
कृष्णकांत गुर्जर
* बिखर रही है चान्दनी *
* बिखर रही है चान्दनी *
surenderpal vaidya
#यदा_कदा_संवाद_मधुर, #छल_का_परिचायक।
#यदा_कदा_संवाद_मधुर, #छल_का_परिचायक।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
सफ़र
सफ़र
Shyam Sundar Subramanian
"सुस्त होती जिंदगी"
Dr Meenu Poonia
ऐसा लगता है कि
ऐसा लगता है कि
*Author प्रणय प्रभात*
*नारी के सोलह श्रृंगार*
*नारी के सोलह श्रृंगार*
Dr. Vaishali Verma
"मोहब्बत"
Dr. Kishan tandon kranti
वक्त बर्बाद करने वाले को एक दिन वक्त बर्बाद करके छोड़ता है।
वक्त बर्बाद करने वाले को एक दिन वक्त बर्बाद करके छोड़ता है।
Paras Nath Jha
🚩 वैराग्य
🚩 वैराग्य
Pt. Brajesh Kumar Nayak
लेखनी को श्रृंगार शालीनता ,मधुर्यता और शिष्टाचार से संवारा ज
लेखनी को श्रृंगार शालीनता ,मधुर्यता और शिष्टाचार से संवारा ज
DrLakshman Jha Parimal
श्री राम आ गए...!
श्री राम आ गए...!
भवेश
ऊपर से मुस्कान है,अंदर जख्म हजार।
ऊपर से मुस्कान है,अंदर जख्म हजार।
लक्ष्मी सिंह
वो लड़का
वो लड़का
bhandari lokesh
कागज़ ए जिंदगी
कागज़ ए जिंदगी
Neeraj Agarwal
Loading...