Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Feb 2023 · 1 min read

जिंदगी के कोरे कागज पर कलम की नोक ज्यादा तेज है…

जिंदगी के कोरे कागज पर कलम की नोक ज्यादा तेज है…
किरदार से अच्छा दिखता है हर कोई, लेकिन जमाना तेज है

सरकारी दफ्तरों में काम कराने की कला हर किसी में नहीं..
एक पेज सुलझा के निकलो तो सही आगे एक और पेज है !

✍कवि दीपक सरल

2 Likes · 478 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
कैसे निभाऍं उसको, कैसे करें गुज़ारा।
कैसे निभाऍं उसको, कैसे करें गुज़ारा।
सत्य कुमार प्रेमी
नज़ाकत या उल्फत
नज़ाकत या उल्फत
DR ARUN KUMAR SHASTRI
ਐਵੇਂ ਆਸ ਲਗਾਈ ਬੈਠੇ ਹਾਂ
ਐਵੇਂ ਆਸ ਲਗਾਈ ਬੈਠੇ ਹਾਂ
Surinder blackpen
एक अदद इंसान हूं
एक अदद इंसान हूं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
"हकीकत"
Dr. Kishan tandon kranti
हमें न बताइये,
हमें न बताइये,
शेखर सिंह
National Energy Conservation Day
National Energy Conservation Day
Tushar Jagawat
आखिरी मोहब्बत
आखिरी मोहब्बत
Shivkumar barman
कैसै कह दूं
कैसै कह दूं
Dr fauzia Naseem shad
*
*"ममता"* पार्ट-5
Radhakishan R. Mundhra
*देखो मन में हलचल लेकर*
*देखो मन में हलचल लेकर*
Dr. Priya Gupta
हिन्दी के हित
हिन्दी के हित
surenderpal vaidya
होरी खेलन आयेनहीं नन्दलाल
होरी खेलन आयेनहीं नन्दलाल
Bodhisatva kastooriya
गम
गम
इंजी. संजय श्रीवास्तव
अपना घर
अपना घर
ओंकार मिश्र
अगर ना मिले सुकून कहीं तो ढूंढ लेना खुद मे,
अगर ना मिले सुकून कहीं तो ढूंढ लेना खुद मे,
Ranjeet kumar patre
आईना
आईना
Sûrëkhâ
मेरे नयनों में जल है।
मेरे नयनों में जल है।
Kumar Kalhans
निरंतर प्रयास ही आपको आपके लक्ष्य तक पहुँचाता hai
निरंतर प्रयास ही आपको आपके लक्ष्य तक पहुँचाता hai
Indramani Sabharwal
सच की माया
सच की माया
Lovi Mishra
अभी बाकी है
अभी बाकी है
Vandna Thakur
*कुत्ते चढ़ते गोद में, मानो प्रिय का साथ (कुंडलिया)*
*कुत्ते चढ़ते गोद में, मानो प्रिय का साथ (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
ये एहतराम था मेरा कि उसकी महफ़िल में
ये एहतराम था मेरा कि उसकी महफ़िल में
Shweta Soni
क्या ईसा भारत आये थे?
क्या ईसा भारत आये थे?
कवि रमेशराज
जिंदगी
जिंदगी
Madhavi Srivastava
रंग भरी पिचकारियाँ,
रंग भरी पिचकारियाँ,
sushil sarna
स्त्रियों में ईश्वर, स्त्रियों का ताड़न
स्त्रियों में ईश्वर, स्त्रियों का ताड़न
Dr MusafiR BaithA
मालिक मेरे करना सहारा ।
मालिक मेरे करना सहारा ।
Buddha Prakash
चलो आज खुद को आजमाते हैं
चलो आज खुद को आजमाते हैं
कवि दीपक बवेजा
निशाना
निशाना
अखिलेश 'अखिल'
Loading...