Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jun 2023 · 1 min read

जन्म दिन

जन्म दिन—–

जश्न जोश का बहाना चाहिये
जन्म दिन उत्साह उमंग से
मानना चाहिए।।

सच्चाई की जीवन की
लम्बाई जिंदगी छोटी होती हर
जन्म दिन पर एक वर्ष
उम्र कम होती गम नही
जीवन मे जीने का अंदाज़ चाहिये।।

जन्मदिन के जश्न में
कोई परंपरा भारतीय नही
ना कैंडल्स ना केक फिर भी
गर्व अभिमान भारतीय है हम
भारतीयता को अपनाना चाहिये।।

जन्म दिन की खुशियों में
शुमार दावत दारू नाच गान
उपहार हैप्पी बर्थ डे जिओ
हज़ारों साल होना चाहिये।।

गर मौका मिल जाए
गर्ल फ्रेंड की बाहों में बाहें डाल
घुमाना चाहिये शायराना अंदाज़
बडा नाज़ जन्म दिन आता साल
में एक बार इश्क मोहब्बत प्यार
आजमाना चाहिए ।।

पूरे जश्न जोश खो जाए
होश दोस्तो संग मौज
मौके का जौक शौख का
खास खुशियों का खुमार
आना चाहिये।।
भारत भारतीयता की परम्परा
तकिया नुकुसी जन्म दिन पर
भी मंदिर देवता आशीर्वाद
मन्नत मुराद नीरस नीरसता
पास भी नही जाना चाहिये।।

घटती सिमटती जिंदगी में
दान पुण्य पाप जन्म दिन
पर गर कर दिया रक्त दान
क्या फायदा बेवजह जन
कल्याण से खुद को बचाना
चाहिये।।
जोश जश्न से जन्म दिन मनाना
चाहिए।।

नांदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश

Language: Hindi
146 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
View all
You may also like:
प्रेम पाना,नियति है..
प्रेम पाना,नियति है..
पूर्वार्थ
*होता शिक्षक प्राथमिक, विद्यालय का श्रेष्ठ (कुंडलिया )*
*होता शिक्षक प्राथमिक, विद्यालय का श्रेष्ठ (कुंडलिया )*
Ravi Prakash
गीत
गीत
Shiva Awasthi
करुंगा अब मैं वही, मुझको पसंद जो होगा
करुंगा अब मैं वही, मुझको पसंद जो होगा
gurudeenverma198
एक हमारे मन के भीतर
एक हमारे मन के भीतर
Suryakant Dwivedi
छोटे गाँव का लड़का था मै और वो बड़े शहर वाली
छोटे गाँव का लड़का था मै और वो बड़े शहर वाली
The_dk_poetry
कब तक चाहोगे?
कब तक चाहोगे?
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
शाम के ढलते
शाम के ढलते
manjula chauhan
आईना बोला मुझसे
आईना बोला मुझसे
Kanchan Advaita
दिल से ….
दिल से ….
Rekha Drolia
मेरी मलम की माँग
मेरी मलम की माँग
Anil chobisa
मुहब्बत
मुहब्बत
अखिलेश 'अखिल'
हरितालिका तीज
हरितालिका तीज
Mukesh Kumar Sonkar
रमेशराज के चर्चित राष्ट्रीय बालगीत
रमेशराज के चर्चित राष्ट्रीय बालगीत
कवि रमेशराज
बिछड़ा हो खुद से
बिछड़ा हो खुद से
Dr fauzia Naseem shad
काव्य
काव्य
साहित्य गौरव
जीवन सभी का मस्त है
जीवन सभी का मस्त है
Neeraj Agarwal
23/42.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका* 🌷गाथे मीर ददरिया🌷
23/42.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका* 🌷गाथे मीर ददरिया🌷
Dr.Khedu Bharti
हमारा सफ़र
हमारा सफ़र
Manju sagar
प्रेम
प्रेम
विमला महरिया मौज
रिश्ते बनाना आसान है
रिश्ते बनाना आसान है
shabina. Naaz
"सपने"
Dr. Kishan tandon kranti
--शेखर सिंह
--शेखर सिंह
शेखर सिंह
परीक्षा
परीक्षा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
* जिन्दगी में *
* जिन्दगी में *
surenderpal vaidya
तस्वीर तुम्हारी देखी तो
तस्वीर तुम्हारी देखी तो
VINOD CHAUHAN
#लघुकथा-
#लघुकथा-
*Author प्रणय प्रभात*
*मुर्गा की बलि*
*मुर्गा की बलि*
Dushyant Kumar
हर एक मन्जर पे नजर रखते है..
हर एक मन्जर पे नजर रखते है..
कवि दीपक बवेजा
"ताले चाबी सा रखो,
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
Loading...