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6 Apr 2024 · 1 min read

“चाह”

“चाह”
दौलत की चाह
न शोहरत की प्यास
बस एक अर्जी सुन लेना,
फकत मोहब्बत का
एक कतरा ही
मेरे नाम कर देना।

1 Like · 1 Comment · 43 Views
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