Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Feb 2024 · 1 min read

चाँद से मुलाकात

पहले चाँद आता था
छत पर हर रात
साथ लिए झिलमिल
तारों की बारात
होती थी कभी गंभीर
कभी छुटपुट सी बात।

कभी अचानक से यूं ही
दिखता था आँगन में
खेलता आँख-मिचौली सा
बेवजह की गुफ़्तगू संग
कभी किसी रात हो जाती
खिड़की पर मुलाकात।

फिर इमारतें निगल गयीं
छतों को वक्त के साथ
खिड़कियाँ सिमट सी गयीं
बंद दरवाजों में अपने
आँगन भी लुप्त से हो गये।

अब गुजरते चले जा रहे हैं
दिन, महीने और साल
नहीं कर पाते चाँद और मैं
गुफ़्तगू और मुलाकात।

कभी कहीं दिख जाए चाँद
चुरा लेती हूँ नजर एक
फीकी सी मुस्कुराहट के साथ।

रचनाकार :- कंचन खन्ना,
मुरादाबाद, (उ०प्र०, भारत)।
सर्वाधिकार, सुरक्षित (रचनाकार)।
दिनांक:- १४/१२/२०२३.

Language: Hindi
89 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Kanchan Khanna
View all
You may also like:
मुश्किल से मुश्किल हालातों से
मुश्किल से मुश्किल हालातों से
Vaishaligoel
शासक सत्ता के भूखे हैं
शासक सत्ता के भूखे हैं
DrLakshman Jha Parimal
ग़ज़ल सगीर
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
Ranjeet Kumar Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
Shekhar Chandra Mitra
#दोहा
#दोहा
*Author प्रणय प्रभात*
सच तो रंग काला भी कुछ कहता हैं
सच तो रंग काला भी कुछ कहता हैं
Neeraj Agarwal
"परोपकार"
Dr. Kishan tandon kranti
कभी हमको भी याद कर लिया करो
कभी हमको भी याद कर लिया करो
gurudeenverma198
हर हाल मे,जिंदा ये रवायत रखना।
हर हाल मे,जिंदा ये रवायत रखना।
पूर्वार्थ
किस के लिए संवर रही हो तुम
किस के लिए संवर रही हो तुम
Ram Krishan Rastogi
मृत्यु शैय्या
मृत्यु शैय्या
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
2788. *पूर्णिका*
2788. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
♥️राधे कृष्णा ♥️
♥️राधे कृष्णा ♥️
Vandna thakur
पैमाना सत्य का होता है यारों
पैमाना सत्य का होता है यारों
प्रेमदास वसु सुरेखा
"चाह"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
बोलो ! ईश्वर / (नवगीत)
बोलो ! ईश्वर / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
हिस्से की धूप
हिस्से की धूप
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
★किसान ★
★किसान ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
ପିଲାଦିନ ସଞ୍ଜ ସକାଳ
ପିଲାଦିନ ସଞ୍ଜ ସକାଳ
Bidyadhar Mantry
हाथ जिनकी तरफ बढ़ाते हैं
हाथ जिनकी तरफ बढ़ाते हैं
Phool gufran
दूसरों को खरी-खोटी सुनाने
दूसरों को खरी-खोटी सुनाने
Dr.Rashmi Mishra
कविता- 2- 🌸*बदलाव*🌸
कविता- 2- 🌸*बदलाव*🌸
Mahima shukla
*भले प्रतिकूल हो मौसम, मगर हँसकर उसे सहना 【मुक्तक】*
*भले प्रतिकूल हो मौसम, मगर हँसकर उसे सहना 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
जीवन का प्रथम प्रेम
जीवन का प्रथम प्रेम
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अहसास
अहसास
Sangeeta Beniwal
भव्य भू भारती
भव्य भू भारती
लक्ष्मी सिंह
उम्मीद
उम्मीद
Dr fauzia Naseem shad
अपना समझकर ही गहरे ज़ख्म दिखाये थे
अपना समझकर ही गहरे ज़ख्म दिखाये थे
'अशांत' शेखर
पलटूराम में भी राम है
पलटूराम में भी राम है
Sanjay ' शून्य'
Loading...