Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Mar 2023 · 1 min read

चरित्रार्थ होगा काल जब, निःशब्द रह तू जायेगा।

हुई स्वार्थ की पराकाष्ठा, तो व्यक्तित्व गिरता जायेगा,
ये सत्य एक दिन, तेरी संवेदनाओं को भी सतायेगा।
व्यंग का पात्र कब तक, तू औरों को बनायेगा,
काल के आघात से, तू भी नहीं बच पायेगा।
निर्मोह और निर्ममता का इतिहास, भले तू रचायेगा,
पर स्मरण रख तेरी मृत्यु पर, अश्रु ना कोई बहायेगा।
दम्भ वस्तुवाद का, भरता तू रह जायेगा,
और मसान में वस्तु की भाँति, कोई तुझे भी जलायेगा।
ईर्ष्या और घृणा की नदी में, डुबकी जो आज लगायेगा,
कल भस्म में परिवर्तित हो, पैरों तले रौंदा जायेगा।
विश्वास को छल कर, जो शीर्ष पर मुकुट चढ़ायेगा,
समर्पण भरे प्रेम का वियोग, तुझे भी कल रुलाएगा।
शब्दों के विषाक्त बाण, औरों पर जो चलायेगा,
छवि उनकी भी देखने को, वो ईश्वर तुझे तरसायेगा।
अहंकार की आर ले, चरित्र पर ऊँगली उठायेगा,
चरित्रार्थ होगा काल जब, निःशब्द रह तू जायेगा।

499 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Manisha Manjari
View all
You may also like:
इस संसार में क्या शुभ है और क्या अशुभ है
इस संसार में क्या शुभ है और क्या अशुभ है
शेखर सिंह
17रिश्तें
17रिश्तें
Dr .Shweta sood 'Madhu'
बहुत हैं!
बहुत हैं!
Srishty Bansal
जिंदगी भी रेत का सच रहतीं हैं।
जिंदगी भी रेत का सच रहतीं हैं।
Neeraj Agarwal
जन्म से मृत्यु तक भारत वर्ष मे संस्कारों का मेला है
जन्म से मृत्यु तक भारत वर्ष मे संस्कारों का मेला है
Satyaveer vaishnav
आज़ के रिश्ते.........
आज़ के रिश्ते.........
Sonam Puneet Dubey
ओ! चॅंद्रयान
ओ! चॅंद्रयान
kavita verma
घड़ी
घड़ी
SHAMA PARVEEN
मुझमें मुझसा
मुझमें मुझसा
Dr fauzia Naseem shad
ऐसे हैं हम तो, और सच भी यही है
ऐसे हैं हम तो, और सच भी यही है
gurudeenverma198
सैनिक
सैनिक
Mamta Rani
एक ख्वाब सजाया था मैंने तुमको सोचकर
एक ख्वाब सजाया था मैंने तुमको सोचकर
डॉ. दीपक मेवाती
मंज़िल मिली उसी को इसी इक लगन के साथ
मंज़िल मिली उसी को इसी इक लगन के साथ
अंसार एटवी
24/250. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/250. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मोर
मोर
Manu Vashistha
सुप्रभात
सुप्रभात
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
सर के बल चलकर आएँगी, खुशियाँ अपने आप।
सर के बल चलकर आएँगी, खुशियाँ अपने आप।
डॉ.सीमा अग्रवाल
■ प्रणय_गीत:-
■ प्रणय_गीत:-
*प्रणय प्रभात*
पानी का संकट
पानी का संकट
Seema gupta,Alwar
ONR WAY LOVE
ONR WAY LOVE
Sneha Deepti Singh
दोहा त्रयी. . . सन्तान
दोहा त्रयी. . . सन्तान
sushil sarna
पहले पता है चले की अपना कोन है....
पहले पता है चले की अपना कोन है....
कवि दीपक बवेजा
दिल के अरमान मायूस पड़े हैं
दिल के अरमान मायूस पड़े हैं
Harminder Kaur
प्रश्न –उत्तर
प्रश्न –उत्तर
Dr.Priya Soni Khare
शिष्टाचार एक जीवन का दर्पण । लेखक राठौड़ श्रावण सोनापुर उटनुर आदिलाबाद
शिष्टाचार एक जीवन का दर्पण । लेखक राठौड़ श्रावण सोनापुर उटनुर आदिलाबाद
राठौड़ श्रावण लेखक, प्रध्यापक
कौन पढ़ता है मेरी लम्बी -लम्बी लेखों को ?..कितनों ने तो अपनी
कौन पढ़ता है मेरी लम्बी -लम्बी लेखों को ?..कितनों ने तो अपनी
DrLakshman Jha Parimal
मेरा जीवन,मेरी सांसे सारा तोहफा तेरे नाम। मौसम की रंगीन मिज़ाजी,पछुवा पुरवा तेरे नाम। ❤️
मेरा जीवन,मेरी सांसे सारा तोहफा तेरे नाम। मौसम की रंगीन मिज़ाजी,पछुवा पुरवा तेरे नाम। ❤️
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
!! पलकें भीगो रहा हूँ !!
!! पलकें भीगो रहा हूँ !!
Chunnu Lal Gupta
श्रेष्ठ वही है...
श्रेष्ठ वही है...
Shubham Pandey (S P)
विद्यार्थी के मन की थकान
विद्यार्थी के मन की थकान
पूर्वार्थ
Loading...