Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Mar 2017 · 1 min read

“गाँव की यादे”

बैलगाड़ी की सवारी याद आती है,
मुझको गाँव की कहानी याद आती है!
कट गए बाग उजड़ गए जंगल,
याद है मुझको अपने गाँव का दंगल!
वो ईद की सेवइया वो होली के रंग,
वो क्या दिन थे जब हम थे एक संग!
वो मिट्टी की खुसबू वो बागो के फूल,
क्यों दूर हो गई मुझसे वो गाँव की धूल!
वो गाँव के आदर्श वो गाँव की चौपाल,
फिर याद आई मुझे जब गुज़र गए कई साल!
अपने नही यहा गैरो का बसर है,
लोग कहते है ज़ैद ये शहर है!
पक्का नही मगर मकान कच्चा था,
इस शहर से हमारा गाँव अच्छा था!
अब फिर बैलगाड़ी की सवारी याद आती है,
मुझको गाँव की कहानी याद आती है!!!!

((( ज़ैद बालियावी )))

Language: Hindi
1 Like · 772 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
दिवाली मुबारक नई ग़ज़ल विनीत सिंह शायर
दिवाली मुबारक नई ग़ज़ल विनीत सिंह शायर
Vinit kumar
चलो संगीत की महफ़िल सजाएं
चलो संगीत की महफ़िल सजाएं
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
रोम रोम है दर्द का दरिया,किसको हाल सुनाऊं
रोम रोम है दर्द का दरिया,किसको हाल सुनाऊं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
2566.पूर्णिका
2566.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
किस क़दर आसान था
किस क़दर आसान था
हिमांशु Kulshrestha
सिंहासन पावन करो, लम्बोदर भगवान ।
सिंहासन पावन करो, लम्बोदर भगवान ।
जगदीश शर्मा सहज
তুমি সমুদ্রের তীর
তুমি সমুদ্রের তীর
Sakhawat Jisan
आपको हम
आपको हम
Dr fauzia Naseem shad
अंबेडकर जयंती
अंबेडकर जयंती
Shekhar Chandra Mitra
तुम न समझ पाओगे .....
तुम न समझ पाओगे .....
sushil sarna
मुझे तुमसे अनुराग कितना है?
मुझे तुमसे अनुराग कितना है?
Bodhisatva kastooriya
वेलेंटाइन डे
वेलेंटाइन डे
Surinder blackpen
श्री कृष्ण भजन 【आने से उसके आए बहार】
श्री कृष्ण भजन 【आने से उसके आए बहार】
Khaimsingh Saini
■ ज्वलंत सवाल
■ ज्वलंत सवाल
*Author प्रणय प्रभात*
एक सपना देखा था
एक सपना देखा था
Vansh Agarwal
काहे का अभिमान
काहे का अभिमान
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
"आधुनिक नारी"
Ekta chitrangini
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
********* आजादी की कीमत **********
********* आजादी की कीमत **********
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
दोस्ती को परखे, अपने प्यार को समजे।
दोस्ती को परखे, अपने प्यार को समजे।
Anil chobisa
प्यार जताना नहीं आता मुझे
प्यार जताना नहीं आता मुझे
MEENU
मन का मिलन है रंगों का मेल
मन का मिलन है रंगों का मेल
Ranjeet kumar patre
हम वर्षों तक निःशब्द ,संवेदनरहित और अकर्मण्यता के चादर को ओढ़
हम वर्षों तक निःशब्द ,संवेदनरहित और अकर्मण्यता के चादर को ओढ़
DrLakshman Jha Parimal
चॅंद्रयान
चॅंद्रयान
Paras Nath Jha
यश तुम्हारा भी होगा।
यश तुम्हारा भी होगा।
Rj Anand Prajapati
सावन‌....…......हर हर भोले का मन भावन
सावन‌....…......हर हर भोले का मन भावन
Neeraj Agarwal
*भाया राधा को सहज, सुंदर शोभित मोर (कुंडलिया)*
*भाया राधा को सहज, सुंदर शोभित मोर (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
चाँद पर रखकर कदम ये यान भी इतराया है
चाँद पर रखकर कदम ये यान भी इतराया है
Dr Archana Gupta
वर्षा
वर्षा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*यौगिक क्रिया सा ये कवि दल*
*यौगिक क्रिया सा ये कवि दल*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...