Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Jan 2017 · 1 min read

कुण्डलिया के छंद में

कुण्डलिया के छंद में, कहता हूँ मैं बात
अंत समय तक ही चले, यह प्यारी सौगात

यह प्यारी सौगात, छंद यह सबसे न्यारा
दोहा-रोला एक, मिलाकर बनता प्यारा

महावीर कविराय, लगे सुर पायलिया के
अंतरमन में तार, बजे जब कुण्डलिया के

•••

1 Like · 347 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
View all
You may also like:
बस जाओ मेरे मन में , स्वामी होकर हे गिरधारी
बस जाओ मेरे मन में , स्वामी होकर हे गिरधारी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कितने इनके दामन दागी, कहते खुद को साफ।
कितने इनके दामन दागी, कहते खुद को साफ।
डॉ.सीमा अग्रवाल
ऑपरेशन सफल रहा( लघु कथा)
ऑपरेशन सफल रहा( लघु कथा)
Ravi Prakash
■ क़तआ (मुक्तक)
■ क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
चुनना किसी एक को
चुनना किसी एक को
Mangilal 713
ब्रज के एक सशक्त हस्ताक्षर लोककवि रामचरन गुप्त +प्रोफेसर अशोक द्विवेदी
ब्रज के एक सशक्त हस्ताक्षर लोककवि रामचरन गुप्त +प्रोफेसर अशोक द्विवेदी
कवि रमेशराज
Outsmart Anxiety
Outsmart Anxiety
पूर्वार्थ
कमीजें
कमीजें
Madhavi Srivastava
जितनी मेहनत
जितनी मेहनत
Shweta Soni
प्रवासी चाँद
प्रवासी चाँद
Ramswaroop Dinkar
होली
होली
Neelam Sharma
"जरा सोचो"
Dr. Kishan tandon kranti
यक्ष प्रश्न
यक्ष प्रश्न
Shyam Sundar Subramanian
आप और हम जीवन के सच................एक सोच
आप और हम जीवन के सच................एक सोच
Neeraj Agarwal
ग़ज़ल
ग़ज़ल
आर.एस. 'प्रीतम'
वक्त बदलते ही चूर- चूर हो जाता है,
वक्त बदलते ही चूर- चूर हो जाता है,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
बुलंदियों से भरे हौसलें...!!!!
बुलंदियों से भरे हौसलें...!!!!
Jyoti Khari
"ख़ूबसूरत आँखे"
Ekta chitrangini
★मां ★
★मां ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
हौसले से जग जीतता रहा
हौसले से जग जीतता रहा
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
ख़्याल
ख़्याल
Dr. Seema Varma
बदली बारिश बुंद से
बदली बारिश बुंद से
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
कब टूटा है
कब टूटा है
sushil sarna
तन्हाई
तन्हाई
Surinder blackpen
खरी - खरी
खरी - खरी
Mamta Singh Devaa
सृजन
सृजन
Bodhisatva kastooriya
हाँ, मैं कवि हूँ
हाँ, मैं कवि हूँ
gurudeenverma198
फूल और कांटे
फूल और कांटे
अखिलेश 'अखिल'
पास ही हूं मैं तुम्हारे कीजिए अनुभव।
पास ही हूं मैं तुम्हारे कीजिए अनुभव।
surenderpal vaidya
23/136.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/136.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...