Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Feb 2024 · 1 min read

कविता

नवदुर्गा के नौ दोहे

प्रथम दिवस करें वंदना,शैलसुता कहलाए।
करमेंकमल त्रिशूल है,सुर नर मुनि जय गाए।।

माला कमण्डल धारणी,ब्रह्मचारणी मात।
धवलरूप जगतारणी,तप में रत दिन-रात।।

कनकवदन सिंहवासिनी,अर्द्धशशी शुभ माथ।
चंद्रघंटा महिषासुरी,दुर्गे करदो सनाथ।।

कूष्मांडा मां तेजमय,मंदहंसी जगजाया।
दशोदिशा मेंअष्टभुजा,व्याप्त तेरी माया।।

पद्मासना हैं स्कंदमाँ,पांचवा शुभस्वरूप।
गोदषडाननशोभते,आलौकिक व अनूप।।

छठवीमाँ कात्यायनी,गाँऊनित गुणगान
रोगशोकभयहरण का, दो माते वरदान।।

कालरात्रि खरवाहिनी,तीननयन विकराल।
साधुशीष आशीषधर,असुर मुण्डो की माल।।

गौरीमाता शिवप्रिया,दो अमोघ वरदान।
अन्नपूर्णा शुभतामयी,जगका करो कल्यान।।

शिवअर्द्धागिनी मात ही,आठोंसिद्धि दातार।
करुणामयी ममतामयी,सबकी पालनहार।।

नमिता शर्मा माध्यमिक शिक्षक 9009594797

Language: Hindi
20 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
SCHOOL..
SCHOOL..
Shubham Pandey (S P)
** मन मिलन **
** मन मिलन **
surenderpal vaidya
शुरुआत जरूरी है
शुरुआत जरूरी है
Shyam Pandey
कर ही बैठे हैं हम खता देखो
कर ही बैठे हैं हम खता देखो
Dr Archana Gupta
वो जो तू सुन नहीं पाया, वो जो मैं कह नहीं पाई,
वो जो तू सुन नहीं पाया, वो जो मैं कह नहीं पाई,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
मरने वालों का तो करते है सब ही खयाल
मरने वालों का तो करते है सब ही खयाल
shabina. Naaz
असफल लोगो के पास भी थोड़ा बैठा करो
असफल लोगो के पास भी थोड़ा बैठा करो
पूर्वार्थ
हल्लाबोल
हल्लाबोल
Shekhar Chandra Mitra
"आशा" के कवित्त"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
फितरत
फितरत
Dr.Khedu Bharti
बाबर के वंशज
बाबर के वंशज
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
"तब कोई बात है"
Dr. Kishan tandon kranti
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
“कलम”
“कलम”
Gaurav Sharma
पिता
पिता
Sanjay ' शून्य'
शिक्षक को शिक्षण करने दो
शिक्षक को शिक्षण करने दो
Sanjay Narayan
प्राची  (कुंडलिया)*
प्राची (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
बस कट, पेस्ट का खेल
बस कट, पेस्ट का खेल
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
क्यों अब हम नए बन जाए?
क्यों अब हम नए बन जाए?
डॉ० रोहित कौशिक
सारी फिज़ाएं छुप सी गई हैं
सारी फिज़ाएं छुप सी गई हैं
VINOD CHAUHAN
प्रकृति की ओर
प्रकृति की ओर
जगदीश लववंशी
रचो महोत्सव
रचो महोत्सव
लक्ष्मी सिंह
मातृशक्ति को नमन
मातृशक्ति को नमन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
आखिर किसान हूँ
आखिर किसान हूँ
Dr.S.P. Gautam
जीवन जितना
जीवन जितना
Dr fauzia Naseem shad
■ कभी मत भूलना...
■ कभी मत भूलना...
*Author प्रणय प्रभात*
सियाचिनी सैनिक
सियाचिनी सैनिक
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
मन हमेशा इसी बात से परेशान रहा,
मन हमेशा इसी बात से परेशान रहा,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
कागज़ की नाव सी, न हो जिन्दगी तेरी
कागज़ की नाव सी, न हो जिन्दगी तेरी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तोड़ी कच्ची आमियाँ, चटनी लई बनाय
तोड़ी कच्ची आमियाँ, चटनी लई बनाय
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...