Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Mar 2024 · 1 min read

कभी जब नैन मतवारे किसी से चार होते हैं

कभी जब नैन मतवारे किसी से चार होते हैं
नहीं तलवार से कम तेज उनके वार होते हैं
लगा लेते मिले हर दर्द को हँसकर गले अपने
न रहता जोर दिल पर और हम बेज़ार होते हैं

डॉ अर्चना गुप्ता
14.03.2024

Language: Hindi
3 Likes · 84 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Archana Gupta
View all
You may also like:
प्रकृति का भविष्य
प्रकृति का भविष्य
Bindesh kumar jha
रक्षाबंधन
रक्षाबंधन
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
जिंदगी में कभी उदास मत होना दोस्त, पतझड़ के बाद बारिश ज़रूर आत
जिंदगी में कभी उदास मत होना दोस्त, पतझड़ के बाद बारिश ज़रूर आत
Pushpraj devhare
■सियासी फार्मूला■
■सियासी फार्मूला■
*प्रणय प्रभात*
शिक्षक और शिक्षा के साथ,
शिक्षक और शिक्षा के साथ,
Neeraj Agarwal
*घूम रहे जो रिश्वत लेकर, अपना काम कराने को (हिंदी गजल)*
*घूम रहे जो रिश्वत लेकर, अपना काम कराने को (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
मेहनत का फल
मेहनत का फल
Pushpraj Anant
आप सभी को नववर्ष की हार्दिक अनंत शुभकामनाएँ
आप सभी को नववर्ष की हार्दिक अनंत शुभकामनाएँ
डॉ.सीमा अग्रवाल
आज वो भी भारत माता की जय बोलेंगे,
आज वो भी भारत माता की जय बोलेंगे,
Minakshi
" भूलने में उसे तो ज़माने लगे "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
प्यार और नफ़रत
प्यार और नफ़रत
Dr. Pradeep Kumar Sharma
नज़र को नज़रिए की तलाश होती है,
नज़र को नज़रिए की तलाश होती है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
सत्य शुरू से अंत तक
सत्य शुरू से अंत तक
विजय कुमार अग्रवाल
गृहणी
गृहणी
Sonam Puneet Dubey
हल्की हल्की सी हंसी ,साफ इशारा भी नहीं!
हल्की हल्की सी हंसी ,साफ इशारा भी नहीं!
Vishal babu (vishu)
कोई कैसे ही कह दे की आजा़द हूं मैं,
कोई कैसे ही कह दे की आजा़द हूं मैं,
manjula chauhan
सुनो
सुनो
पूर्वार्थ
2676.*पूर्णिका*
2676.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
दिल का तुमसे सवाल
दिल का तुमसे सवाल
Dr fauzia Naseem shad
"भीमसार"
Dushyant Kumar
चेहरा देख के नहीं स्वभाव देख कर हमसफर बनाना चाहिए क्योंकि चे
चेहरा देख के नहीं स्वभाव देख कर हमसफर बनाना चाहिए क्योंकि चे
Ranjeet kumar patre
" सुन‌ सको तो सुनों "
Aarti sirsat
"तन्हाई"
Dr. Kishan tandon kranti
Ram Mandir
Ram Mandir
Sanjay ' शून्य'
दिल्ली चलें सब साथ
दिल्ली चलें सब साथ
नूरफातिमा खातून नूरी
मैं अंधियारों से क्यों डरूँ, उम्मीद का तारा जो मुस्कुराता है
मैं अंधियारों से क्यों डरूँ, उम्मीद का तारा जो मुस्कुराता है
VINOD CHAUHAN
तू मेरी हीर बन गई होती - संदीप ठाकुर
तू मेरी हीर बन गई होती - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
नए साल के ज़श्न को हुए सभी तैयार
नए साल के ज़श्न को हुए सभी तैयार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
माँ सरस्वती प्रार्थना
माँ सरस्वती प्रार्थना
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
पंछी
पंछी
sushil sarna
Loading...