Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Feb 2023 · 1 min read

और चलते रहे ये कदम यूँही दरबदर

और चलते रहे ये कदम यूँही दरबदर
के मिलेगी कभी पैरो के वास्ते चादर

जब नजरे फेरे मैंने खामोश सन्नाटो में
कुछ बदन नंगे सोये थे बदन ही ओढ़कर

✍️© ‘अशांत’ शेखर
11/02/2023

2 Likes · 275 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*तुम न आये*
*तुम न आये*
Kavita Chouhan
दिल दिया था जिसको हमने दीवानी समझ कर,
दिल दिया था जिसको हमने दीवानी समझ कर,
Vishal babu (vishu)
तुम नहीं बदले___
तुम नहीं बदले___
Rajesh vyas
मानवता का
मानवता का
Dr fauzia Naseem shad
चांदनी रात
चांदनी रात
Mahender Singh
स्त्री-देह का उत्सव / MUSAFIR BAITHA
स्त्री-देह का उत्सव / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
एकजुट हो प्रयास करें विशेष
एकजुट हो प्रयास करें विशेष
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
** राह में **
** राह में **
surenderpal vaidya
ये साला टमाटर
ये साला टमाटर
*Author प्रणय प्रभात*
मेरे खाते में भी खुशियों का खजाना आ गया।
मेरे खाते में भी खुशियों का खजाना आ गया।
सत्य कुमार प्रेमी
जाना जग से कब भला , पाया कोई रोक (कुंडलिया)*
जाना जग से कब भला , पाया कोई रोक (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
"प्रार्थना"
Dr. Kishan tandon kranti
नव अंकुर स्फुटित हुआ है
नव अंकुर स्फुटित हुआ है
Shweta Soni
देकर घाव मरहम लगाना जरूरी है क्या
देकर घाव मरहम लगाना जरूरी है क्या
Gouri tiwari
किसी को उदास देखकर
किसी को उदास देखकर
Shekhar Chandra Mitra
I hope one day the clouds will be gone, and the bright sun will rise.
I hope one day the clouds will be gone, and the bright sun will rise.
Manisha Manjari
वैसे अपने अपने विचार है
वैसे अपने अपने विचार है
शेखर सिंह
*एकांत*
*एकांत*
जगदीश लववंशी
वीरगति सैनिक
वीरगति सैनिक
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
बढ़ी हैं दूरियाँ दिल की भले हम पास बैठे हों।
बढ़ी हैं दूरियाँ दिल की भले हम पास बैठे हों।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
प्यासे को
प्यासे को
Santosh Shrivastava
पाती
पाती
डॉक्टर रागिनी
Save water ! Without water !
Save water ! Without water !
Buddha Prakash
नौका को सिन्धु में उतारो
नौका को सिन्धु में उतारो
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
2728.*पूर्णिका*
2728.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
एक पल में ये अशोक बन जाता है
एक पल में ये अशोक बन जाता है
ruby kumari
सदविचार
सदविचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मुझ पर इल्जाम लगा सकते हो .... तो लगा लो
मुझ पर इल्जाम लगा सकते हो .... तो लगा लो
हरवंश हृदय
शिर्डी के साईं बाबा
शिर्डी के साईं बाबा
Sidhartha Mishra
Loading...