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15 Feb 2024 · 1 min read

ओम के दोहे

रामलला की मंगल मूरत , मोहित सब नरनार ।
अवधपुरी में ओम सा , आनंदमयी संसार ।।

उमड़ पड़ा सरयू तट पर , जनसैलाब अपार ।
दर्शन करने राम का , ओम अड़ गये द्वार ।।

ओमप्रकाश भारती ओम्
बालाघाट , मध्य प्रदेश

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