Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Oct 2023 · 1 min read

अगर मेरे अस्तित्व को कविता का नाम दूँ, तो इस कविता के भावार

अगर मेरे अस्तित्व को कविता का नाम दूँ, तो इस कविता के भावार्थ की रचना करने का साध्य किसी रचयिता में नहीं है ।
अगर मेरे हृदय को सरिता का नाम दूँ तो उसे सुखाने की क्षमता किसी में मौजूद नहीं है।
अगर मेरे चैन को सम्पत्ति का नाम दूँ तो उसे हरने के अधिकार के अधिकारी केवल गिरिधारी ही हैं।
🙏🏻🙏🏻

1 Like · 177 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जिन्दगी कभी नाराज होती है,
जिन्दगी कभी नाराज होती है,
Ragini Kumari
हर विषम से विषम परिस्थिति में भी शांत रहना सबसे अच्छा हथियार
हर विषम से विषम परिस्थिति में भी शांत रहना सबसे अच्छा हथियार
Ankita Patel
मम्मास बेबी
मम्मास बेबी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
खत पढ़कर तू अपने वतन का
खत पढ़कर तू अपने वतन का
gurudeenverma198
सफर 👣जिंदगी का
सफर 👣जिंदगी का
डॉ० रोहित कौशिक
तन प्रसन्न - व्यायाम से
तन प्रसन्न - व्यायाम से
Sanjay ' शून्य'
उस रावण को मारो ना
उस रावण को मारो ना
VINOD CHAUHAN
कार्यशैली और विचार अगर अनुशासित हो,तो लक्ष्य को उपलब्धि में
कार्यशैली और विचार अगर अनुशासित हो,तो लक्ष्य को उपलब्धि में
Paras Nath Jha
"ऐसा करें कुछ"
Dr. Kishan tandon kranti
💐अज्ञात के प्रति-18💐
💐अज्ञात के प्रति-18💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
अज्ञात है हम भी अज्ञात हो तुम भी...!
अज्ञात है हम भी अज्ञात हो तुम भी...!
Aarti sirsat
बुरा न मानो, होली है! जोगीरा सा रा रा रा रा....
बुरा न मानो, होली है! जोगीरा सा रा रा रा रा....
सत्यम प्रकाश 'ऋतुपर्ण'
शहीद की पत्नी
शहीद की पत्नी
नन्दलाल सुथार "राही"
*कृष्ण की दीवानी*
*कृष्ण की दीवानी*
Shashi kala vyas
मैंने अपनी, खिडकी से,बाहर जो देखा वो खुदा था, उसकी इनायत है सबसे मिलना, मैं ही खुद उससे जुदा था.
मैंने अपनी, खिडकी से,बाहर जो देखा वो खुदा था, उसकी इनायत है सबसे मिलना, मैं ही खुद उससे जुदा था.
Mahender Singh
जिन्दगी
जिन्दगी
Ashwini sharma
#जिज्ञासा-
#जिज्ञासा-
*Author प्रणय प्रभात*
चोर उचक्के बेईमान सब, सेवा करने आए
चोर उचक्के बेईमान सब, सेवा करने आए
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
औरों की तरह हर्फ़ नहीं हैं अपना;
औरों की तरह हर्फ़ नहीं हैं अपना;
manjula chauhan
नारी पुरुष
नारी पुरुष
Neeraj Agarwal
सरसी छंद
सरसी छंद
Charu Mitra
थर्मामीटर / मुसाफ़िर बैठा
थर्मामीटर / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
धरती का बेटा गया,
धरती का बेटा गया,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
अंदाज़े बयाँ
अंदाज़े बयाँ
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
ध्यान सारा लगा था सफर की तरफ़
ध्यान सारा लगा था सफर की तरफ़
अरशद रसूल बदायूंनी
इससे ज़्यादा
इससे ज़्यादा
Dr fauzia Naseem shad
*जय सीता जय राम जय, जय जय पवन कुमार (कुछ दोहे)*
*जय सीता जय राम जय, जय जय पवन कुमार (कुछ दोहे)*
Ravi Prakash
आओ प्रिय बैठो पास...
आओ प्रिय बैठो पास...
डॉ.सीमा अग्रवाल
दिहाड़ी मजदूर
दिहाड़ी मजदूर
Vishnu Prasad 'panchotiya'
देखा है।
देखा है।
Shriyansh Gupta
Loading...