Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Mar 2023 · 1 min read

अगर आप सही हैं तो खुद को साबित करने के लिए ताकत क्यों लगानी

अगर आप सही हैं तो खुद को साबित करने के लिए ताकत क्यों लगानी पड़ती है । बस शांत रहिये ।।
ताकत का इस्तेमाल उन्हें करने दीजिए जो आपको गलत साबित करने पर तुले हुए हैं ।।
विश्वास रखिये सच्चाई और अच्छाई का साथ आपका नुकसान कभी नहीं होने देगा ।।
बाकी “प्रभु इच्छा भावि बलवाना”

सीमा वर्मा
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

616 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Seema Verma
View all
You may also like:
मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि दुनिया में ‌जितना बदलाव हमा
मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि दुनिया में ‌जितना बदलाव हमा
Rituraj shivem verma
"सियासत"
Dr. Kishan tandon kranti
मां
मां
Dheerja Sharma
मज़हब नहीं सिखता बैर
मज़हब नहीं सिखता बैर
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
विवाह
विवाह
Shashi Mahajan
#ग़ज़ल
#ग़ज़ल
*प्रणय प्रभात*
नादान पक्षी
नादान पक्षी
Neeraj Agarwal
कुछ लोग अच्छे होते है,
कुछ लोग अच्छे होते है,
Umender kumar
जज्बात
जज्बात
अखिलेश 'अखिल'
जिंदगी का चमत्कार,जिंदगी भर किया इंतजार,
जिंदगी का चमत्कार,जिंदगी भर किया इंतजार,
पूर्वार्थ
मैं हूं कार
मैं हूं कार
Santosh kumar Miri
Little Things
Little Things
Dhriti Mishra
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
जनवासा अब है कहाँ,अब है कहाँ बरात (कुंडलिया)
जनवासा अब है कहाँ,अब है कहाँ बरात (कुंडलिया)
Ravi Prakash
मैं तो महज शमशान हूँ
मैं तो महज शमशान हूँ
VINOD CHAUHAN
Job can change your vegetables.
Job can change your vegetables.
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पुण्यधरा का स्पर्श कर रही, स्वर्ण रश्मियां।
पुण्यधरा का स्पर्श कर रही, स्वर्ण रश्मियां।
surenderpal vaidya
उम्र भर प्रीति में मैं उलझता गया,
उम्र भर प्रीति में मैं उलझता गया,
Arvind trivedi
अपनी-अपनी दिवाली
अपनी-अपनी दिवाली
Dr. Pradeep Kumar Sharma
3474🌷 *पूर्णिका* 🌷
3474🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
फीका त्योहार !
फीका त्योहार !
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
किसी से प्यार, हमने भी किया था थोड़ा - थोड़ा
किसी से प्यार, हमने भी किया था थोड़ा - थोड़ा
The_dk_poetry
इंसान को,
इंसान को,
नेताम आर सी
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
लघुकथा- धर्म बचा लिया।
लघुकथा- धर्म बचा लिया।
Dr Tabassum Jahan
अब तो तुम्हारी मांग में सिंदूर भरने के बाद ही,
अब तो तुम्हारी मांग में सिंदूर भरने के बाद ही,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
अर्ज है पत्नियों से एक निवेदन करूंगा
अर्ज है पत्नियों से एक निवेदन करूंगा
शेखर सिंह
★महाराणा प्रताप★
★महाराणा प्रताप★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
शब्द
शब्द
ओंकार मिश्र
हो गई तो हो गई ,बात होनी तो हो गई
हो गई तो हो गई ,बात होनी तो हो गई
गुप्तरत्न
Loading...