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Author: dr. pratibha prakash

dr. pratibha prakash
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Dr.pratibha d/ sri vedprakash D.o.b.8june 1977,aliganj,etah,u.p. M.A.geo.Socio. Ph.d. geography.पिता से काव्य रूचि विरासत में प्राप्त हुई ,बाद में हिन्दी प्रेम संस्कृति से लगाव समाजिक विकृतियों आधुनिक अंधानुकरण ने साहित्य की और प्रेरित किया ।उस सर्वोच्च शक्ति जसे ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु गॉड कहा गया है की कृपा से आध्यात्मिक शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र में प्राप्त ज्ञान सत्य और स्वयं को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

जल

जलदिवस आयोजन प्रथम प्रयास जल ईश्वर ने जब दृष्टि रची तो पंच [...]

निरीह गौरया

आज सुबह प्रार्थना के बाद जब विश्राम के लिये चली तो पंखुरी की [...]

दरश बिन

तुमसे बिछुड़े मोरे प्रभ जी भई छः मासी की रैन दरश बिन दूखन [...]

बसंती पुरवइया

चली बसन्ती पुरवइया और बाग हुआ मतवाला नन्ही कपोलो से सज गया [...]

बेटियां ?

जीवन को जीवन बनाती बेटियां बेटो का जीवन सजाती है बेटियां इस [...]

तलाश

हाज़िर हूँ अपनी छोटी सी कोशिश के साथ वक़्त वेवक्त चौक में [...]

खिड़की

खिड़की भोर भई खिड़की मैं खोली बड़े हौले से खिड़की [...]

भू -घटा संवाद

वारिश का मौसम और वरसात आत्मा की पुकार परमात्मा से सुनिए धरा [...]

हर सीख बेटियों को——–

नहीं सीख बुरी कोई पर सब बेटियों के लिए क्यों है नहीं रीत बुरी [...]

साक्षी और संधू हमे आप पर गर्व है

साक्षी संधू हमें तुम पर गर्व है छोटे छोटे गांव से,छोटे छोटे [...]

आओ स्वतंत्रता दिवस मनाएं

आओ स्वतंत्रता दिवस मनाएंआओ स्वतंत्रता दिवस मनाएं लालकिला [...]

पिय नहि समझे

पीर जिया की पिय नहीं समझे जग को दिखान से का होय जाहि आँख न [...]

जय जवान जय किसान

राष्ट्र कहे सुन ओ जवान जय जवान जय किसान हैं हिम से शीतल [...]

याद करो कुर्बानी

[8/8, 6:09 PM] Dr Pratibha: आओ याद करें क़ुरबानी खोये हमने जो [...]

छाती

छाती माँ की ममता से पूरित छाती प्रसव पीड़ के बाद छाती शिशु [...]

नग्नता को रोकना होगा

यदि संस्कृति बचाना चाहते हो यदि भारीतयता बचाना चाहते [...]

हुंकार

कई छिपे गद्दार कन्हैया से घर में कई ज़ाकिर कई मीर है कहीँ [...]

एक सुबह

एक सुबह देखी मैंने खंजन तरुवर साख पे वो बैठी थी नैन बसी कोई [...]

वो वैश्या

मैंने एक वैश्या को देवी से ऊपर देखा एक पण्डित को उसके कदमो [...]

घुटती सिसकियां

------ घुटती रहेंगी आखिर कब तक सिसकियाँ दरवाजो में लुटती रहेगी [...]

वही आवाज़

SUPRABHAT मित्रों आज फिर से उसने आवाज लगाईं जो मुझे सुनाई मीरा [...]

सबक

सबक रोज ज़िन्दगी देती है हमें मिलती नहीं दोस्ती कहती है [...]

मुक्ति

कर्म योग्यता और संस्कार सबसे ऊपर मेरा प्यार निस्वार्थ [...]

संगीत दिवस

सारा दिन हुई योग की चर्चा आओ अब गीत शारदे गा लें संगीत की बज [...]

झुलस

धरती के झुलसते आँचल को अम्बर ने आज भिगोया है झूम उठे वायु संग [...]

प्रेम

जीवन अधूरा प्रेम बिना भक्ति अधूरी प्रेम बिना है समर्पण [...]

पापा

मुझे लगता नहीं पापा कि कोई दिन विशेष हो तुम्हें याद करने के [...]

मुक्ति

कर्म योग्यता और संस्कार सबसे ऊपर मेरा प्यार निस्वार्थ [...]

अफ़सोस

अफ़सोस जताने ये मन निकला क्यों ज्ञान में खोखलापन निकला हम [...]

मिथक

कल्पना में मत उलझ है मिथक सारा जगत सत्य से रु-ब-रु हो जन्म से [...]