बाबिया खातून पंद्रह नवंबर को पैदा हुई

बाबिया खातून पंद्रह नवंबर को पैदा हुई
तुम एक सुगंधित आत्मा वाली लड़की हो
तुम खूबसूरत से भरी अदाएँ और जिस्मों को पिरोने वाली हो
तुम एक रुबाइयों के अश्कों में फिजाओं को अंगोड़ती हुई मध्यम धूल नुमा चीजों को हटाती हुई
अपने संगेमरमर ख्वाबों को शब्दों में पिरोकर अपने तीखे नए नक्श को चश्मा में उतारने वाली हो
तुम बाबिया खातून एक शान हो
तुम्हारा एक नायाब अंदाजे बोलबाला हो
और अंदाजे इश्क के मोहब्बत में घायल हम अब तुम्हारे ही दीवाने हैं
रचनाकार: बाबिया खातून