घर बदला,रस्ता बदला और जमाना बदल दिया

घर बदला,रस्ता बदला और जमाना बदल दिया
जब घर से निकले, हमने सब कुछ बदल दिया
घूमते रहे जमाने भर , लोग लेकर पुराना पता ,
कहां ढूंढोगे मुझको तुम,मैने खुद को बदल दिया
✍️कवि दीपक सरल
घर बदला,रस्ता बदला और जमाना बदल दिया
जब घर से निकले, हमने सब कुछ बदल दिया
घूमते रहे जमाने भर , लोग लेकर पुराना पता ,
कहां ढूंढोगे मुझको तुम,मैने खुद को बदल दिया
✍️कवि दीपक सरल