हँसते रहो तो दुनिया साथ है, वरना आंसुओं को तो आँखों में भी ज

हँसते रहो तो दुनिया साथ है, वरना आंसुओं को तो आँखों में भी जगह नहीं मिलती समय और हालात कभी भी, कहीं भी बदल सकते है… अब देखिये कल तक…. “निकटता” प्रेम का प्रतीक थी.. और आज “दूरियाँ” प्यार और परवाह की परिचायक है…🙏🏃🏻राष्ट्रहित सर्वोपरि रखिए। सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।। विश्व का कल्याण हो। सुरक्षित रहिए, प्रणाम, नमस्कार, वंदेमातरम् …भारत माता की जय 🚭‼️