मेरी मैया स्नेह भूलूं कैसे,हर घड़ी हर पल प्रेम की मुझ पर बरस

मेरी मैया स्नेह भूलूं कैसे,हर घड़ी हर पल प्रेम की मुझ पर बरसात करती है।
मां नर्मदा,श्री राधा, सरस्वती,भगवती का रुप है वो।
बृन्दावन बैरागी”कृष्णा”
मेरी मैया स्नेह भूलूं कैसे,हर घड़ी हर पल प्रेम की मुझ पर बरसात करती है।
मां नर्मदा,श्री राधा, सरस्वती,भगवती का रुप है वो।
बृन्दावन बैरागी”कृष्णा”