Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Feb 2025 · 1 min read

धुआं बया करता है दर्द

धुआं बया करता है दर्द
राख निशानियां छोड़ जाती है,
किसी की
गुफ़्तगू में भी दम नही होता,
किसी की
ख़ामोशी फ़साने छोड़ जाती हैं.

हिमांशु Kulshrestha

28 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

जताने लगते हो
जताने लगते हो
Pratibha Pandey
कविता
कविता
Nmita Sharma
"शून्य"
Dr. Kishan tandon kranti
लोकतंत्र की आड़ में तानाशाही ?
लोकतंत्र की आड़ में तानाशाही ?
Shyam Sundar Subramanian
कैसी
कैसी
manjula chauhan
प्रभु गुण कहे न जाएं तिहारे
प्रभु गुण कहे न जाएं तिहारे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
" आराधक "
DrLakshman Jha Parimal
राख का ढेर।
राख का ढेर।
Taj Mohammad
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Rekha Drolia
लौकिक से अलौकिक तक!
लौकिक से अलौकिक तक!
Jaikrishan Uniyal
जीवन का हिसाब
जीवन का हिसाब
Indu Singh
मिनखपणौ
मिनखपणौ
जितेन्द्र गहलोत धुम्बड़िया
🙅आज का आह्वान🙅
🙅आज का आह्वान🙅
*प्रणय प्रभात*
कुछ नहीं
कुछ नहीं
Kunal Kanth
सत्य की राह
सत्य की राह
Lokesh Dangi
कफ़स में कै़द चालाकियां
कफ़स में कै़द चालाकियां
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
सीख गुलाब के फूल की
सीख गुलाब के फूल की
Mangilal 713
न आए तुम
न आए तुम
Shekhar Chandra Mitra
लोग मेरे साथ बेइंसाफी करते हैं ।।
लोग मेरे साथ बेइंसाफी करते हैं ।।
अश्विनी (विप्र)
सच तो यही हैं।
सच तो यही हैं।
Neeraj Kumar Agarwal
रामराज्य आदर्श हमारा, तीर्थ अयोध्या धाम है (गीत)
रामराज्य आदर्श हमारा, तीर्थ अयोध्या धाम है (गीत)
Ravi Prakash
बातों में बनावट तो कही आचरण में मिलावट है
बातों में बनावट तो कही आचरण में मिलावट है
पूर्वार्थ
लिख देती है कवि की कलम
लिख देती है कवि की कलम
Seema gupta,Alwar
मानवता
मानवता
Poonam Sharma
इश्क
इश्क
कल्पना सोनी "काव्यकल्पना"
अभी तक
अभी तक
Jitendra kumar
आकाश पढ़ा करते हैं
आकाश पढ़ा करते हैं
Deepesh Dwivedi
नवरात्रि गीत
नवरात्रि गीत
ईश्वर दयाल गोस्वामी
लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
Johnny Ahmed 'क़ैस'
जिंदगी का एकाकीपन
जिंदगी का एकाकीपन
मनोज कर्ण
Loading...