Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Feb 2025 · 1 min read

क्यों है गम जिंदगी

कुछ ख्वाब है प्यारे से
कुछ लम्हे हैं प्यारे से

कहीं हैं इन लम्हों में
कहीं खोयें हम ख्वाबों में

कुछ बातें हैं अधूरी सी
कुछ ख्वाहिश है पूरी सी

जो छुट्टी हुई है कहीं
कुछ खामोशियां है चाहत की

जो खोई है कहीं
कुछ जीवन है
अधूरा सा
जो खोया हुआ है कहीं
कुछ समझ से परे

जो समझ नहीं आता
अभी जीवन एक संघर्ष है

जिसमें न जाने कितनी दूर है
कितने पास हैं

कोई अच्छा है कोई बुरा है
किसी के लिए अच्छे हम
किसी के लिए बुरे हम

किसी की खुशी तो
किसी को गम है

बहुत कुछ सीखना है जीवन में
क्योंकि जिंदगी है कहीं गुम

जिसमें हम खो जाते हैं
फिर जब वापस लौटते हैं
खुद को वही पाते हैं

कुछ ख्वाब है प्यार से
कुछ लम्हे हैं प्यारे से
जिनमें खोये हम हैं

जिंदगी क्यों है गुम
जिसको समझ नहीं पाए हम

क्योंकि कुछ ख्वाब है प्यारे से
कुछ लम्हे हैं अधूरे से

Language: Hindi
33 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from sonu rajput
View all

You may also like these posts

" लगन "
Dr. Kishan tandon kranti
दस्त बदरिया (हास्य-विनोद)
दस्त बदरिया (हास्य-विनोद)
गुमनाम 'बाबा'
मुकद्दर से बना करते हैं रिश्ते इस ज़माने में,
मुकद्दर से बना करते हैं रिश्ते इस ज़माने में,
Phool gufran
मैंने क्या कुछ नहीं किया !
मैंने क्या कुछ नहीं किया !
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
तुझे भूले कैसे।
तुझे भूले कैसे।
Taj Mohammad
अंधभक्ति
अंधभक्ति
मनोज कर्ण
*श्रग्विणी/ श्रृंगारिणी/लक्ष्मीधरा/कामिनी मोहन* -- (द्वादशाक
*श्रग्विणी/ श्रृंगारिणी/लक्ष्मीधरा/कामिनी मोहन* -- (द्वादशाक
रामनाथ साहू 'ननकी' (छ.ग.)
फिर मुझे तेरी याद आई
फिर मुझे तेरी याद आई
Jyoti Roshni
तारे बुझ गये फिर भी
तारे बुझ गये फिर भी
अर्चना मुकेश मेहता
अच्छा नहीं कर सकते तो------------------- ?
अच्छा नहीं कर सकते तो------------------- ?
gurudeenverma198
शीत मगसर की...
शीत मगसर की...
डॉ.सीमा अग्रवाल
उद्देश और लक्ष्य की परिकल्पना मनुष्य स्वयं करता है और उस लक्
उद्देश और लक्ष्य की परिकल्पना मनुष्य स्वयं करता है और उस लक्
DrLakshman Jha Parimal
दर्द  बन कर  समाँ  जाते  दिल में कहीं,
दर्द बन कर समाँ जाते दिल में कहीं,
Neelofar Khan
कविता
कविता
Rambali Mishra
बचपन मेरा..!
बचपन मेरा..!
भवेश
■आज का आभास■
■आज का आभास■
*प्रणय प्रभात*
पढ़ रहा हूँ
पढ़ रहा हूँ
इशरत हिदायत ख़ान
एक दिन
एक दिन
हिमांशु Kulshrestha
4469.*पूर्णिका*
4469.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कर्तव्य सुंदरता से निभाने मे,
कर्तव्य सुंदरता से निभाने मे,
Buddha Prakash
दीप में कोई ज्योति रखना
दीप में कोई ज्योति रखना
Shweta Soni
प्यार और मोहब्बत नहीं, इश्क है तुमसे
प्यार और मोहब्बत नहीं, इश्क है तुमसे
पूर्वार्थ
*करते पशुओं पर दया, अग्रसेन भगवान (कुंडलिया)*
*करते पशुओं पर दया, अग्रसेन भगवान (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
नारी
नारी
विक्रम सिंह
'बेटी'
'बेटी'
Godambari Negi
सफलता की ओर
सफलता की ओर
Vandna Thakur
कैसी लगी है होड़
कैसी लगी है होड़
Sûrëkhâ
दोहा
दोहा
Ramji Tiwari
उजाले अपनी आंखों में इस क़दर महफूज़ रखना,
उजाले अपनी आंखों में इस क़दर महफूज़ रखना,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
Phoolon ki bahar hoti hai jab tu mere sath hoti hai,
Phoolon ki bahar hoti hai jab tu mere sath hoti hai,
Rishabh Mishra
Loading...