24/243. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
*मनः संवाद----*
रामनाथ साहू 'ननकी' (छ.ग.)
हार से डरता क्यों हैं।
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
*आई सदियों बाद है, राम-नाम की लूट (कुंडलिया)*
हारे मत ना हौसलों,
जितेन्द्र गहलोत धुम्बड़िया
यह मेरा राजस्थान(राजस्थान दिवस पर)
आत्मविश्वास से लबरेज व्यक्ति के लिए आकाश की ऊंचाई नापना भी उ
अंधभक्तों से थोड़ा बहुत तो सहानुभूति रखिए!
किसी को सच्चा प्यार करने में जो लोग अपना सारा जीवन लगा देते
हर बात छुपाने की दिल से ही मिटा देंगे ....
सूरज मुझे जगाता, चांद मुझे सुलाता
ग़ज़ल(नाम तेरा रेत पर लिखते लिखाते रह गये)
पूरा जब वनवास हुआ तब, राम अयोध्या वापस आये
मोहब्बत ना-समझ होती है समझाना ज़रूरी है
मैं उसकी निग़हबानी का ऐसा शिकार हूँ