Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Jun 2024 · 2 min read

रिश्तों के जज्बात

ऐसा भी होता है या नहीं
पर मेरे साथ तो ऐसा ही हुआ है,
आपको विश्वास हो या न हो
क्या फर्क पड़ता है।
आखिर ये कैसा रिश्ता है
किस जन्म का संबंध है,
संबंध है भी या नहीं
ये मैं कह भी नहीं सकता।
क्योंकि पूर्वजन्म के रिश्तों का
मैं न हूं कोई ज्ञाता।
पर आज रिश्ता है हमारा उससे
जिसे देखा तक नहीं
तो जान पहचान का तो प्रश्न ही नहीं।
फिर भी वो जानी पहचानी लगती है
इतनी छोटी होकर भी
नानी दादी सी लगती है।
वो चाहे जितनी दूर है
हम आमने सामने मिलेंगे या नहीं
ये तो कहना मुश्किल है।
पर वो आसपास है
घर के आंगन में फुदकती लगती है,
हंसाती और रुलाती है,
बेवजह सिर खाती है।
अपने छोटे होने का लाभ उठाने का
मौका भी वो कहाँ छोड़ती है,
अपने अधिकारों का जी भरकर प्रयोग करती है।
हमसे अपने रिश्ते बताती है
जाने क्या क्या बकती रहती है?
क्या सच क्या झूठ ये तो
वो भी नहीं जानती है।
पर मौके को लपकना खूब जानती है।
अच्छा ही तो है, कम से कम
मैं भी कुछ तो जिम्मेदार हो गया,
अधिकार और कर्तव्य का मतलब समझने लगा,
सच कहूं तो मैं उससे डरता भी हूँ
क्योंकि मैं उसे अपने अंतर्मन से
शायद सदियों से जानता हूँ,
अथवा पवित्र रिश्तों के जज्बात
बेहतर ढंग से पढ़ना जानता हूँ,
यह और बात है कि मैं
भूत भविष्य के बजाय में
वर्तमान में जीता हूँ
और बहुत खुश रहता हूँ,
उसके सुखद भविष्य की कामना के साथ
आत्मीय भाव से शुभकामनाओं संग
अनंत आशीष भी देता हूँ।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा उत्तर प्रदेश

Language: Hindi
2 Likes · 104 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

ऐसा लगा कि हम आपको बदल देंगे
ऐसा लगा कि हम आपको बदल देंगे
Keshav kishor Kumar
सांसदों का वेतन, भत्ते और सुविधाएँ
सांसदों का वेतन, भत्ते और सुविधाएँ
अरशद रसूल बदायूंनी
4179.💐 *पूर्णिका* 💐
4179.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
(गीता जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में) वेदों,उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता में 'ओम्' की अवधारणा (On the occasion of Geeta Jayanti Mahotsav) Concept of 'Om' in Vedas, Upanishads and Srimad Bhagavad Gita)
(गीता जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में) वेदों,उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता में 'ओम्' की अवधारणा (On the occasion of Geeta Jayanti Mahotsav) Concept of 'Om' in Vedas, Upanishads and Srimad Bhagavad Gita)
Acharya Shilak Ram
अजीब करामात है
अजीब करामात है
शेखर सिंह
मैडम
मैडम
अवध किशोर 'अवधू'
जग की तारणहारी
जग की तारणहारी
Vibha Jain
एक गीत सुनाना मैं चाहूं
एक गीत सुनाना मैं चाहूं
C S Santoshi
मजा मुस्कुराने का लेते वही...
मजा मुस्कुराने का लेते वही...
Sunil Suman
गर्मी बहुत सताये माँ
गर्मी बहुत सताये माँ
Rita Singh
राशिफल से आपका दिन अच्छा या खराब नही होता बल्कि कर्मों के फल
राशिफल से आपका दिन अच्छा या खराब नही होता बल्कि कर्मों के फल
Rj Anand Prajapati
"जिद्द- ओ- ज़हद”
ओसमणी साहू 'ओश'
तुझमे कुछ कर गुजरने का यहीं जूनून बरकरार देखना चाहता हूँ,
तुझमे कुछ कर गुजरने का यहीं जूनून बरकरार देखना चाहता हूँ,
Ravi Betulwala
मन की चुप्पी
मन की चुप्पी
Shashi Mahajan
जियो हजारों साल
जियो हजारों साल
Jatashankar Prajapati
जीने दें
जीने दें
Mansi Kadam
छम-छम वर्षा
छम-छम वर्षा
surenderpal vaidya
"कोई क्या समझाएगा उसे"
Ajit Kumar "Karn"
राम अवध के
राम अवध के
Sanjay ' शून्य'
🌹सतत सर्जन🌹
🌹सतत सर्जन🌹
Dr .Shweta sood 'Madhu'
कवनो गाड़ी तरे ई चले जिंदगी
कवनो गाड़ी तरे ई चले जिंदगी
आकाश महेशपुरी
🙅आज का ज्ञान🙅
🙅आज का ज्ञान🙅
*प्रणय प्रभात*
तुझे देखा , तुझे चाहा , तु ही तो साथ हरदम है ,
तुझे देखा , तुझे चाहा , तु ही तो साथ हरदम है ,
Neelofar Khan
अब हाथ मल रहे हैं
अब हाथ मल रहे हैं
Sudhir srivastava
चावल अगर कुमकुम के साथ मिल जाऐं तो किसी के मस्तक तक पहुंच जा
चावल अगर कुमकुम के साथ मिल जाऐं तो किसी के मस्तक तक पहुंच जा
ललकार भारद्वाज
मुद्दा
मुद्दा
Paras Mishra
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Madhu Gupta "अपराजिता"
कोई पागल हो गया,
कोई पागल हो गया,
sushil sarna
Being an
Being an "understanding person" is the worst kind of thing.
पूर्वार्थ
देखो ! यह बेशुमार कामयाबी पाकर,
देखो ! यह बेशुमार कामयाबी पाकर,
ओनिका सेतिया 'अनु '
Loading...