Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 May 2024 · 1 min read

मेरा पता

मेरा पता पूछ लेना इन हवाओं से,
मेरा पता पूछ लेना इन फिजाओं से।

मेरा पता देंगे तुमको ये झिलमिलाते सितारे,
मेरी छत पर रहते हैं ये सारे।

मेरी गली में चांद रहता है,
लिए चांदनी ये मांद रहता है।

मेरे घर पर न मिलेगा तुमको अंधेरा,
वहां मिलेगा हरदम रोशन सवेरा।

मेरे घर पर न होगी कभी कोई गम की बातें,
मेरे यहां है बस प्यार की रिमझिम बरसातें।

3 Likes · 122 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

मैं जी.आज़ाद हूँ
मैं जी.आज़ाद हूँ
gurudeenverma198
*संवेदना*
*संवेदना*
Dr. Priya Gupta
याद रक्खा है आज भी तुमको
याद रक्खा है आज भी तुमको
Dr fauzia Naseem shad
प्यार में ही तकरार होती हैं।
प्यार में ही तकरार होती हैं।
Neeraj Kumar Agarwal
जन्म पर बाटी मिठाई
जन्म पर बाटी मिठाई
Ranjeet kumar patre
मुझे जीना सीखा दो ज़रा ( ग़ज़ल)
मुझे जीना सीखा दो ज़रा ( ग़ज़ल)
ओनिका सेतिया 'अनु '
🙅खेल पर सियासत🙅
🙅खेल पर सियासत🙅
*प्रणय प्रभात*
ആരും കാത്തിരിക്കാ
ആരും കാത്തിരിക്കാ
Heera S
*सुवासित हैं दिशाऍं सब, सुखद आभास आया है(मुक्तक)*
*सुवासित हैं दिशाऍं सब, सुखद आभास आया है(मुक्तक)*
Ravi Prakash
खाली दिमाग़ ही शैतान का घर नहीं होता
खाली दिमाग़ ही शैतान का घर नहीं होता
सोनम पुनीत दुबे "सौम्या"
बाजार आओ तो याद रखो खरीदना क्या है।
बाजार आओ तो याद रखो खरीदना क्या है।
Rajendra Kushwaha
pyar ki zindagi
pyar ki zindagi
Syed sufiyan
उठो भवानी
उठो भवानी
उमा झा
धर्मसंकट / मुसाफिर बैठा
धर्मसंकट / मुसाफिर बैठा
Dr MusafiR BaithA
पिता और पुत्र
पिता और पुत्र
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
4284.💐 *पूर्णिका* 💐
4284.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
मुझे बच्चा रहने दो
मुझे बच्चा रहने दो
पूर्वार्थ
लिखना
लिखना
Shweta Soni
कुछ बूँद हिचकियाँ मिला दे
कुछ बूँद हिचकियाँ मिला दे
शेखर सिंह
प्रेम अटूट है
प्रेम अटूट है
Dr. Kishan tandon kranti
सपना
सपना
Lalni Bhardwaj
हट जा भाल से रेखा
हट जा भाल से रेखा
Suryakant Dwivedi
भोर पुरानी हो गई
भोर पुरानी हो गई
आर एस आघात
*खो  गई  मंजिल मुसाफिर*
*खो गई मंजिल मुसाफिर*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
अदालत में क्रन्तिकारी मदनलाल धींगरा की सिंह-गर्जना
अदालत में क्रन्तिकारी मदनलाल धींगरा की सिंह-गर्जना
कवि रमेशराज
खैर-ओ-खबर के लिए।
खैर-ओ-खबर के लिए।
Taj Mohammad
ज्ञान, चरित्र, संस्कार का धाम - सरस्वती शिशु मंदिर
ज्ञान, चरित्र, संस्कार का धाम - सरस्वती शिशु मंदिर
आलोक पांडेय
मन ही मन घबरा रहा था।
मन ही मन घबरा रहा था।
manorath maharaj
मैं बहुत कुछ जानता हूँ
मैं बहुत कुछ जानता हूँ
Arun Prasad
दोहा पंचक. . . . . पिता
दोहा पंचक. . . . . पिता
sushil sarna
Loading...