Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Jan 2024 · 1 min read

नशा

नशा बुरा है,
इससे बचना ही
श्रेयस्कर है।
सब जानते हैं,
नशा विनाश लाता है,
घर बरबाद करता है।
परंतु
नशा कुछ कर गुजरने का हो,
तो वह नशा,
कायापलट करता है।
ज्ञानार्जन का नशा,
धनोपार्जन का नशा,
वैभव का नशा,
ऐश्वर्य का नशा,
जरूरी है,
सफलता के
सोपान चढ़ने के लिए,
आगे बढ़ने के लिए।

Language: Hindi
198 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

कुछ पल तेरे संग
कुछ पल तेरे संग
सुशील भारती
इतना है अरमान हमारा
इतना है अरमान हमारा
अनिल कुमार निश्छल
रुझान।
रुझान।
Kumar Kalhans
आजादी (स्वतंत्रता दिवस पर विशेष)
आजादी (स्वतंत्रता दिवस पर विशेष)
पंकज कुमार कर्ण
एकांत ये घना है
एकांत ये घना है
Vivek Pandey
🙅सूत्रों के अनुसार🙅
🙅सूत्रों के अनुसार🙅
*प्रणय प्रभात*
कहानी
कहानी
Rajender Kumar Miraaj
सबसे महत्वपूर्ण दृष्टिकोण जो विकसित किया जा सकता है, वह है स
सबसे महत्वपूर्ण दृष्टिकोण जो विकसित किया जा सकता है, वह है स
पूर्वार्थ देव
योग स्वस्थ जीवन का आधार
योग स्वस्थ जीवन का आधार
Neha
खटाखट नोट छापो तुम
खटाखट नोट छापो तुम
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
श्येन दोहा गीत
श्येन दोहा गीत
seema sharma
भक्ति- निधि
भक्ति- निधि
Dr. Upasana Pandey
Irritable Bowel Syndrome
Irritable Bowel Syndrome
Tushar Jagawat
पैसा आपकी हैसियत बदल सकता है
पैसा आपकी हैसियत बदल सकता है
शेखर सिंह
उस के धागों में दिल के ख़ज़ाने निहाँ
उस के धागों में दिल के ख़ज़ाने निहाँ
पूर्वार्थ
माया
माया
pradeep nagarwal24
ए खुदा - ए - महबूब ! इतनी तो इनायत कर दे ।
ए खुदा - ए - महबूब ! इतनी तो इनायत कर दे ।
ओनिका सेतिया 'अनु '
अपनी सरहदें जानते है आसमां और जमीन...!
अपनी सरहदें जानते है आसमां और जमीन...!
Aarti sirsat
गणेशा
गणेशा
Mamta Rani
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें।
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें।
निकेश कुमार ठाकुर
तेरा वादा.
तेरा वादा.
Heera S
अगर तुम कहो
अगर तुम कहो
Akash Agam
जीवंत हो तभी भावना है
जीवंत हो तभी भावना है
goutam shaw
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
असफ़लता का दामन थाम रखा था ताउम्र मैंने,
असफ़लता का दामन थाम रखा था ताउम्र मैंने,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
माँ और बाबूजी का दुलार
माँ और बाबूजी का दुलार
श्रीहर्ष आचार्य
मैं स्त्री हूं
मैं स्त्री हूं
indu parashar
" जरिया "
Dr. Kishan tandon kranti
आया दिन मतदान का, छोड़ो सारे काम
आया दिन मतदान का, छोड़ो सारे काम
Dr Archana Gupta
जब तक आप जीवन को स्थिरता से नहीं जानेंगे तब तक आपको जीवन में
जब तक आप जीवन को स्थिरता से नहीं जानेंगे तब तक आपको जीवन में
Ravikesh Jha
Loading...