Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Feb 2024 · 1 min read

“Mistake”

“Mistake”
Life is not what I perceived it to be
All I wanted was peace, It was taken away from me
Whiskey, where’s my release?

I walked around midnight,But I went the wrong way
To everyone’s delight,Now, is this yesterday?

If I say goodnight, will it be my last?
I slept in a dream in the morning light
Who will read the poems of my past?
Mistake blue, black pen reads right

I was looking through a vision
So many faults out there,It’s time for a decision
Truth or Dare?

A fleeting moment passed me by
It was a time I touched my fate,
I think this is my last goodbye
The world needs heroes,
I’m just a mistake

143 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सुलगते एहसास
सुलगते एहसास
Surinder blackpen
फूल
फूल
Neeraj Agarwal
मनोरम तेरा रूप एवं अन्य मुक्तक
मनोरम तेरा रूप एवं अन्य मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
अकेले
अकेले
Dr.Pratibha Prakash
सर्दी और चाय का रिश्ता है पुराना,
सर्दी और चाय का रिश्ता है पुराना,
Shutisha Rajput
जुल्मतों के दौर में
जुल्मतों के दौर में
Shekhar Chandra Mitra
चांद को तो गुरूर होगा ही
चांद को तो गुरूर होगा ही
Manoj Mahato
*जातक या संसार मा*
*जातक या संसार मा*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बिहार–झारखंड की चुनिंदा दलित कविताएं (सम्पादक डा मुसाफ़िर बैठा & डा कर्मानन्द आर्य)
बिहार–झारखंड की चुनिंदा दलित कविताएं (सम्पादक डा मुसाफ़िर बैठा & डा कर्मानन्द आर्य)
Dr MusafiR BaithA
कर्म का फल
कर्म का फल
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
गले की फांस
गले की फांस
Dr. Pradeep Kumar Sharma
वंशवादी जहर फैला है हवा में
वंशवादी जहर फैला है हवा में
महेश चन्द्र त्रिपाठी
में स्वयं
में स्वयं
PRATIK JANGID
आने वाला कल
आने वाला कल
Dr. Upasana Pandey
#लघुकथा
#लघुकथा
*प्रणय प्रभात*
*******खुशी*********
*******खुशी*********
Dr. Vaishali Verma
।।जन्मदिन की बधाइयाँ ।।
।।जन्मदिन की बधाइयाँ ।।
Shashi kala vyas
***होली के व्यंजन***
***होली के व्यंजन***
Kavita Chouhan
मैंने एक दिन खुद से सवाल किया —
मैंने एक दिन खुद से सवाल किया —
SURYA PRAKASH SHARMA
"उजाड़"
Dr. Kishan tandon kranti
अपने सुख के लिए, दूसरों को कष्ट देना,सही मनुष्य पर दोषारोपण
अपने सुख के लिए, दूसरों को कष्ट देना,सही मनुष्य पर दोषारोपण
विमला महरिया मौज
जिस तरीके से तुम हो बुलंदी पे अपने
जिस तरीके से तुम हो बुलंदी पे अपने
सिद्धार्थ गोरखपुरी
मिथ्या इस  संसार में,  अर्थहीन  सम्बंध।
मिथ्या इस संसार में, अर्थहीन सम्बंध।
sushil sarna
जो तेरे दिल पर लिखा है एक पल में बता सकती हूं ।
जो तेरे दिल पर लिखा है एक पल में बता सकती हूं ।
Phool gufran
2397.पूर्णिका
2397.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
पुराना साल जाथे नया साल आथे ll
पुराना साल जाथे नया साल आथे ll
Ranjeet kumar patre
सरस्वती वंदना-4
सरस्वती वंदना-4
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
आत्म साध्य विचार
आत्म साध्य विचार
Neeraj Mishra " नीर "
हिंदी साहित्य की नई : सजल
हिंदी साहित्य की नई : सजल
Sushila joshi
जीवन को अतीत से समझना चाहिए , लेकिन भविष्य को जीना चाहिए ❤️
जीवन को अतीत से समझना चाहिए , लेकिन भविष्य को जीना चाहिए ❤️
Rohit yadav
Loading...