Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 May 2024 · 1 min read

17== 🌸धोखा 🌸

17– 🌸धोखा 🌸
=========

—- ऐसा पर्दा डाला गया है आँखों में
कुछ का कुछ दिखाया जाता है

– जो दिखाया गया वैसा कुछ हुआ नहीं
सच क्या है किसी ने परखा भी नहीं ।

हर किसी के अपने अलग नज़रिये हैं,
अपनी अपनी तराज़ू और बांट भी हैं

झूठ और सच की कदर नहीं होती
जो बिकता है वही कीमती कहलाता है

तौल मोल करने की जहमत कौन करे ?
जब क़ीमत मनमानी मिलती है सौदे में

राज वही करता है जो सरदार कहा जाए
और मनमाने फरमान जारी करता रहे ।
============================

Language: Hindi
91 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"आओ मिलकर दीप जलायें "
Chunnu Lal Gupta
शिव का सरासन  तोड़  रक्षक हैं  बने  श्रित मान की।
शिव का सरासन तोड़ रक्षक हैं बने श्रित मान की।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
संवेदना ही सौन्दर्य है
संवेदना ही सौन्दर्य है
Ritu Asooja
भरोसे के काजल में नज़र नहीं लगा करते,
भरोसे के काजल में नज़र नहीं लगा करते,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
रंजीत कुमार शुक्ल
रंजीत कुमार शुक्ल
Ranjeet kumar Shukla
"फितूर"
Dr. Kishan tandon kranti
कभी ज्ञान को पा इंसान भी, बुद्ध भगवान हो जाता है।
कभी ज्ञान को पा इंसान भी, बुद्ध भगवान हो जाता है।
Monika Verma
बेटी
बेटी
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
मौत क़ुदरत ही तो नहीं देती
मौत क़ुदरत ही तो नहीं देती
Dr fauzia Naseem shad
बिहार क्षेत्र के प्रगतिशील कवियों में विगलित दलित व आदिवासी चेतना
बिहार क्षेत्र के प्रगतिशील कवियों में विगलित दलित व आदिवासी चेतना
Dr MusafiR BaithA
आदमी का मानसिक तनाव  इग्नोर किया जाता हैं और उसको ज्यादा तवज
आदमी का मानसिक तनाव इग्नोर किया जाता हैं और उसको ज्यादा तवज
पूर्वार्थ
गौतम बुद्ध के विचार
गौतम बुद्ध के विचार
Seema Garg
दीवारों की चुप्पी में
दीवारों की चुप्पी में
Sangeeta Beniwal
रंग जीवन के
रंग जीवन के
kumar Deepak "Mani"
जन्नत का हरेक रास्ता, तेरा ही पता है
जन्नत का हरेक रास्ता, तेरा ही पता है
Dr. Rashmi Jha
आओ प्यारे कान्हा हिल मिल सब खेलें होली,
आओ प्यारे कान्हा हिल मिल सब खेलें होली,
सत्य कुमार प्रेमी
■ स्लो-गन बोले तो धीमी बंदूक। 😊
■ स्लो-गन बोले तो धीमी बंदूक। 😊
*प्रणय प्रभात*
चाय पीने से पिलाने से नहीं होता है
चाय पीने से पिलाने से नहीं होता है
Manoj Mahato
जिंदगी बिलकुल चिड़िया घर जैसी हो गई है।
जिंदगी बिलकुल चिड़िया घर जैसी हो गई है।
शेखर सिंह
पापा के वह शब्द..
पापा के वह शब्द..
Harminder Kaur
श्रेष्ठता
श्रेष्ठता
Paras Nath Jha
सुलगती आग हूॅ॑ मैं बुझी हुई राख ना समझ
सुलगती आग हूॅ॑ मैं बुझी हुई राख ना समझ
VINOD CHAUHAN
परिवर्तन विकास बेशुमार🧭🛶🚀🚁
परिवर्तन विकास बेशुमार🧭🛶🚀🚁
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
एक ऐसी दुनिया बनाऊँगा ,
एक ऐसी दुनिया बनाऊँगा ,
Rohit yadav
दोस्ती का रिश्ता
दोस्ती का रिश्ता
विजय कुमार अग्रवाल
मेरे कान्हा
मेरे कान्हा
umesh mehra
सज़ा तुमको तो मिलेगी
सज़ा तुमको तो मिलेगी
gurudeenverma198
3046.*पूर्णिका*
3046.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मैं जिस तरह रहता हूं क्या वो भी रह लेगा
मैं जिस तरह रहता हूं क्या वो भी रह लेगा
Keshav kishor Kumar
*नगर अयोध्या ने अपना फिर, वैभव शुचि साकार कर लिया(हिंदी गजल)
*नगर अयोध्या ने अपना फिर, वैभव शुचि साकार कर लिया(हिंदी गजल)
Ravi Prakash
Loading...