Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
May 16, 2016 · 1 min read

धोखे जीवन में हमको रुलाते बहुत

धोखे जीवन में हमको रुलाते बहुत
पर सबक भी नये ये सिखाते बहुत

आज हम पर बुरा वक़्त क्या आ गया
फूल भी शूल अपने चुभाते बहुत

है न परवाह रिश्तों की जिनको यहाँ
लोग ऐसे ही दिल को दुखाते बहुत

मुफलिसी में ही पहचानते अपनें हम
धन से रिश्ते यहाँ पर बनाते बहुत

राम मुँह में बगल में जो रखते छुरी
जख्म दिल को बड़े वो दे जाते बहुत

बीतती जा रही ज़िन्दगी की सुबह
साँझ के घिर अँधेरे डराते बहुत

‘अर्चना’ काम करते रहें जो गलत
ढोंग पूजा का कर वो दिखाते बहुत

डॉ अर्चना गुप्ता

1 Like · 4 Comments · 513 Views
You may also like:
कौन दिल का
Dr fauzia Naseem shad
"पधारो, घर-घर आज कन्हाई.."
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
आज तन्हा है हर कोई
Anamika Singh
अपने दिल को ही
Dr fauzia Naseem shad
फूल और कली के बीच का संवाद (हास्य व्यंग्य)
Anamika Singh
अपनी आदत में
Dr fauzia Naseem shad
मत रो ऐ दिल
Anamika Singh
*!* "पिता" के चरणों को नमन *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
पितृ वंदना
मनोज कर्ण
पिता
Dr.Priya Soni Khare
Kavita Nahi hun mai
Shyam Pandey
समय को भी तलाश है ।
Abhishek Pandey Abhi
बच्चों के पिता
Dr. Kishan Karigar
गर्मी का रेखा-गणित / (समकालीन नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
मोर के मुकुट वारो
शेख़ जाफ़र खान
हो मन में लगन
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मां की ममता
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
आनंद अपरम्पार मिला
श्री रमण 'श्रीपद्'
तुम्हीं हो मां
Krishan Singh
🥗फीका 💦 त्यौहार💥 (नाट्य रूपांतरण)
पाण्डेय चिदानन्द
जीवन की दुर्दशा
Dr fauzia Naseem shad
दहेज़
आकाश महेशपुरी
कुछ नहीं
Dr fauzia Naseem shad
पिता
लक्ष्मी सिंह
"पिता की क्षमता"
पंकज कुमार कर्ण
अब भी श्रम करती है वृद्धा / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
मैं हिन्दी हूँ , मैं हिन्दी हूँ / (हिन्दी दिवस...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता की नसीहत
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
आया रक्षाबंधन का त्योहार
Anamika Singh
वेदों की जननी... नमन तुझे,
मनोज कर्ण
Loading...