Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jun 2023 · 1 min read

Ghazal

आंखों में सुरमगी लिए बोझिल सा नूर है
वो मुस्कुरा रहे हैं कोई ग़म ज़ुरूर है

कुछ दिल की चाहतों का पता ख़ामशी भी है
हालांकि उनको दिल पर अपने उबूर है

हां में वो ना कहे हैं ना में वो हां किये
दावा है बोलने का उनको शऊर है

महके हुए वो ख़ुद हैं महका हुआ समा
नामा हुआ फुलां ये नामी उतूर है

पहले ये चाहा हम को हो जाए कुछ ख़बर
झुठला दिया नहीं ये हर गिज़ फ़ितूर है

आंसू रवा हैं उनकी आंखों से शाह जी
जाना मगर ये हम ने आबे तहूर है

शहाब उद्दीन शाह क़न्नौजी

Tag: Article
1 Like · 132 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
(((((((((((((तुम्हारी गजल))))))
(((((((((((((तुम्हारी गजल))))))
Rituraj shivem verma
कुछ लोग बहुत पास थे,अच्छे नहीं लगे,,
कुछ लोग बहुत पास थे,अच्छे नहीं लगे,,
Shweta Soni
छाया है मधुमास सखी री, रंग रंगीली होली
छाया है मधुमास सखी री, रंग रंगीली होली
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मोहि मन भावै, स्नेह की बोली,
मोहि मन भावै, स्नेह की बोली,
राकेश चौरसिया
3087.*पूर्णिका*
3087.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
न बदले...!
न बदले...!
Srishty Bansal
प्रेम🕊️
प्रेम🕊️
Vivek Mishra
#ग़ज़ल-
#ग़ज़ल-
*Author प्रणय प्रभात*
2) “काग़ज़ की कश्ती”
2) “काग़ज़ की कश्ती”
Sapna Arora
गरीबी हटाओं बनाम गरीबी घटाओं
गरीबी हटाओं बनाम गरीबी घटाओं
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
गुमनाम रहने दो मुझे।
गुमनाम रहने दो मुझे।
Satish Srijan
जीवन संग्राम के पल
जीवन संग्राम के पल
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
मोहब्बत के लिए गुलकारियां दोनों तरफ से है। झगड़ने को मगर तैयारियां दोनों तरफ से। ❤️ नुमाइश के लिए अब गुफ्तगू होती है मिलने पर। मगर अंदर से तो बेजारियां दोनो तरफ से हैं। ❤️
मोहब्बत के लिए गुलकारियां दोनों तरफ से है। झगड़ने को मगर तैयारियां दोनों तरफ से। ❤️ नुमाइश के लिए अब गुफ्तगू होती है मिलने पर। मगर अंदर से तो बेजारियां दोनो तरफ से हैं। ❤️
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
भारत बनाम इंडिया
भारत बनाम इंडिया
Harminder Kaur
रसीले आम
रसीले आम
नूरफातिमा खातून नूरी
लाल बचा लो इसे जरा👏
लाल बचा लो इसे जरा👏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कह पाना मुश्किल बहुत, बातें कही हमें।
कह पाना मुश्किल बहुत, बातें कही हमें।
surenderpal vaidya
सर्द और कोहरा भी सच कहता हैं
सर्द और कोहरा भी सच कहता हैं
Neeraj Agarwal
★गहने ★
★गहने ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
आएंगे तो मोदी ही
आएंगे तो मोदी ही
Sanjay ' शून्य'
जो हुआ वो गुज़रा कल था
जो हुआ वो गुज़रा कल था
Atul "Krishn"
किस तरह से गुज़र पाएँगी
किस तरह से गुज़र पाएँगी
हिमांशु Kulshrestha
विश्व जल दिवस
विश्व जल दिवस
Dr. Kishan tandon kranti
यक्षिणी / MUSAFIR BAITHA
यक्षिणी / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
मुनाफ़िक़ दोस्त उतना ही ख़तरनाक है
मुनाफ़िक़ दोस्त उतना ही ख़तरनाक है
अंसार एटवी
हिंदी दोहा- अर्चना
हिंदी दोहा- अर्चना
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
इस धरा का इस धरा पर सब धरा का धरा रह जाएगा,
इस धरा का इस धरा पर सब धरा का धरा रह जाएगा,
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
जागो रे बीएलओ
जागो रे बीएलओ
gurudeenverma198
#justareminderekabodhbalak
#justareminderekabodhbalak
DR ARUN KUMAR SHASTRI
चंद अशआर -ग़ज़ल
चंद अशआर -ग़ज़ल
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
Loading...