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14 Jun 2024 · 1 min read

आंखों की गहराई को समझ नहीं सकते,

आंखों की गहराई को समझ नहीं सकते,
होठों से कुछ कह नहीं सकते ।
कैसे बयां करे हम आपको ये
दिल का हाल,
तुम्ही हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते ।
श्लोक मौर्या “उमंग “✍️✍🏻✍🏻✍🏻

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