Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Dec 2022 · 1 min read

💐💐मेरा इश्क़ बे-ग़रज़ नहीं है💐💐

##मणिकर्णिका##
##ज़्यादा श्लोक मत लिख बौनी##
##कितनी क़ाबिल है,पता है##
##तब तो आवाज़ भी ना आई##
##झूठी, कह दे,गला खराब था##
##बौनी, तेरे लिवर से रग्बी खेलूँगा##
##कटा हाथ तेरी गर्दन दबाएगा##
##संभल कर सोना##
##पागल,कहीं तीर्थ चली जा, हर जगह मेरा आवेदन है##
##कूड़ा है, कूड़ा##

मेरा इश्क़ बे-ग़रज़ नहीं है,
इसमें दिल का सौदा है।।
मेरा इश्क़ बे-ग़रज़ नहीं है,
इसमें दिल का सौदा है।।
रहगुज़र की बातें तुमसे सीखे,
यादों के बहाने तुमसे सीखे,
ज़माने में सब अपने हैं,कैसे कहें,
तुम कोई रिश्ता निभाना न सीखे,
मेरा इश्क़ बे-तलब नहीं है,
इसमें दिल का सौदा है।।1।।
कभी हँसती हुई निगाहें न दिखी,
हवाओं में भी कोई चिठ्ठी न लिखी,
मैं पास था कितने पास था उनके,
कोई हसरत भी पूरी होती न दिखी,
मेरा इश्क़ बे-सबब नहीं है,
इसमें दिल का सौदा है।।2।।
कभी आए ही नहीं मेरी कश्ती में,
शायद दाग़ ही थे मेरी हस्ती में,
किसी मदद पर गुफ्तगू करते,
सवाल ही नहीं किये मस्ती में,
मेरा इश्क़ बे-सहर नहीं है,
इसमें दिल का सौदा है।।3।।
उनकी नजरों का अमल था,
हममें कहाँ कब कोई चमन था?
वो दुआ देते रहे ख़ुद की ज़ानिब,
बाहर आया जो दिल में दफ़न था,
मेरा इश्क़ बे-अदब नहीं है,
इसमें दिल का सौदा है।।4।।

बे-ग़रज़-निः स्वार्थ,बे-तलब=बिना मांगें
बे सबब=अकारण, बेवज़ह,बे-अदब=अपमान
बे-सहर=Undefined
©®अभिषेक:पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
Tag: गीत
157 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
वो इबादत
वो इबादत
Dr fauzia Naseem shad
चेहरे का यह सबसे सुन्दर  लिबास  है
चेहरे का यह सबसे सुन्दर लिबास है
Anil Mishra Prahari
अजनबी बनकर आये थे हम तेरे इस शहर मे,
अजनबी बनकर आये थे हम तेरे इस शहर मे,
डी. के. निवातिया
शोर जब-जब उठा इस हृदय में प्रिये !
शोर जब-जब उठा इस हृदय में प्रिये !
Arvind trivedi
SC/ST HELPLINE NUMBER 14566
SC/ST HELPLINE NUMBER 14566
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
*पानी व्यर्थ न गंवाओ*
*पानी व्यर्थ न गंवाओ*
Dushyant Kumar
विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली 2023
विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली 2023
Shashi Dhar Kumar
पर्यावरण-संरक्षण
पर्यावरण-संरक्षण
Kanchan Khanna
तुमको सोचकर जवाब दूंगा
तुमको सोचकर जवाब दूंगा
gurudeenverma198
हर रात की
हर रात की "स्याही"  एक सराय है
Atul "Krishn"
लक्ष्य
लक्ष्य
Suraj Mehra
शादी शुदा कुंवारा (हास्य व्यंग)
शादी शुदा कुंवारा (हास्य व्यंग)
Ram Krishan Rastogi
रौशनी को राजमहलों से निकाला चाहिये
रौशनी को राजमहलों से निकाला चाहिये
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
हाथ में उसके हाथ को लेना ऐसे था
हाथ में उसके हाथ को लेना ऐसे था
Shweta Soni
टिक टिक टिक
टिक टिक टिक
Ghanshyam Poddar
मैं लिखता हूं..✍️
मैं लिखता हूं..✍️
Shubham Pandey (S P)
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा
Dr.Priya Soni Khare
पीताम्बरी आभा
पीताम्बरी आभा
manisha
अस्तित्व की ओट?🧤☂️
अस्तित्व की ओट?🧤☂️
डॉ० रोहित कौशिक
*भारतमाता-भक्त तुम, मोदी तुम्हें प्रणाम (कुंडलिया)*
*भारतमाता-भक्त तुम, मोदी तुम्हें प्रणाम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
घर-घर तिरंगा
घर-घर तिरंगा
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
रिश्ते फीके हो गए
रिश्ते फीके हो गए
पूर्वार्थ
दोहा
दोहा
दुष्यन्त 'बाबा'
हम दुसरों की चोरी नहीं करते,
हम दुसरों की चोरी नहीं करते,
Dr. Man Mohan Krishna
अधिकांश होते हैं गुमराह
अधिकांश होते हैं गुमराह
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
खुद के प्रति प्रतिबद्धता
खुद के प्रति प्रतिबद्धता
लक्ष्मी सिंह
💐प्रेम कौतुक-301💐
💐प्रेम कौतुक-301💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
#एक_तथ्य-
#एक_तथ्य-
*Author प्रणय प्रभात*
दिल ये इज़हार कहां करता है
दिल ये इज़हार कहां करता है
Surinder blackpen
सीख ना पाए पढ़के उन्हें हम
सीख ना पाए पढ़के उन्हें हम
The_dk_poetry
Loading...