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3 Mar 2023 · 1 min read

🌷 चंद अश’आर 🌷

🌷 चंद अश’आर 🌷

यूं तन्हा उम्र…….. तमाम करते हैं ।
न दुआ……… न सलाम करते हैं ।।

जो ज़िंदगी में….. कुछ नहीं करते ।
इश्क़ सुबह………. शाम करते हैं ।।

होठों पर रटते हैं…… नाम उनका ।
इक पल को… न आराम करते हैं ।।

काज़ी नहीं है………फ़ुर्सती यारों ।
वो इज़हार ए मुहब्बत सरेआम करते हैं ।।

©डॉक्टर वासिफ़ काज़ी , इंदौर

©काज़ीकीक़लम

1 Like · 82 Views
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