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7 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-6💐

हे मधुर!सुनो!मेरे प्रेम की भाषा शब्दसहित है।पूछो क्यों?क्यों कि उनके प्रेम की भाषा को जानने की मेरी हैसियत नहीं है।
-अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
378 Views
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