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19 Feb 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-182💐

हे प्रिय!कभी असत्य का व्यवहार सत्य में तो बदल देते।शिक्षा का एक उचित धरातल है।फिर उस प्रेम का क्या जिसमें कामना का कोई लेशमात्र कण भी नहीं हैं।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
406 Views
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