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23 Jan 2024 · 1 min read

हे अयोध्या नाथ

अयोध्या नाथ
हे मंगल के भवन राम,हम आए शरण तिहारी।
सबका मंगल करो नाथ, विनती सुनहु हमारी।।
सकल अमंगल हरो नाथ, करो नाथ कल्याण।
हिंसा द्वेष अज्ञान नाश हों, दो ऐसा वरदान।।

Language: Hindi
89 Views
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