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23 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-514💐

हृदय की भी अपनी ऑंखे हैं।उसकी आँखों वाला प्रेम परम पवित्र है।खोपड़ी की आँखों वाला प्रेम कितना उन्नत हो जाए और कितना अधम हो जाए कुछ नहीं पता।परन्तु स्पर्धा यह हृदय के प्रेम से हमेशा करेगा।
जीतेगा फिर भी नहीं।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
233 Views
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